हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने पुलिस कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती प्रक्रिया के इंटरव्यू रिजल्ट जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित करने के मापदंडों और प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई अभ्यर्थी निलेश सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उन्होंने भर्ती परीक्षा के प्रारंभिक दो चरण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें तीसरे चरण (इंटरव्यू) के लिए बुलावा पत्र नहीं भेजा गया।
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विज्ञापन के नियमों के उल्लंघन का आरोप
याचिका में भर्ती विज्ञापन की शर्तों का हवाला देते हुए मुख्य रूप से यह मुद्दा उठाया गया- 3 गुना बनाम 2 गुना का विवाद: भर्ती विज्ञापन में तय नियम के अनुसार कुल पदों की संख्या के मुकाबले 3 गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था। नियमों की अनदेखी: याचिकाकर्ता का दावा है कि चयन प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन न करते हुए केवल 2 गुना अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया, जिससे कई योग्य उम्मीदवार रेस से बाहर हो गए।
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सरकार का पक्ष और कोर्ट का निर्देश
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में इस याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया गया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार ही संचालित की गई है। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रक्रिया पारदर्शी साबित नहीं होती, तब तक रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने राज्य सरकार को अभ्यर्थियों के चयन और इंटरव्यू कॉलिंग की पूरी प्रक्रिया का ब्योरा प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में तय की गई है।
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