वीडी शर्मा, दमोह। मध्य प्रदेश की दमोह पुलिस एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। एक ओर पुलिस अधिकारी सोशल मीडिया और अन्य गतिविधियों में व्यस्त दिखाई देते हैं, वहीं दूसरी तरफ थाना अभिरक्षा से आरोपी फरार होने जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। आखिर जब आरोपी पुलिस की हिरासत में भी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का जिम्मा कौन उठाएगा? यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मामला दमोह जिले के रनेह थाना का है। जहां पुलिस अभिरक्षा से एक आरोपी फरार हो गया। फरार आरोपी लीलाधर चौधरी (35), निवासी बमनपुरा, कथित रूप से झोलाछाप डॉक्टर है। उस पर आरोप है कि उसने गलत इलाज किया, जिससे एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 37/26 के तहत धारा 105 बीएनएस और मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 24 में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।

ये भी पढ़ें: शराब माफियाओं का आतंक: रास्ता रोककर ठेकेदार और मुनीम को पीटा, गाड़ियों में की तोड़फोड़

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरोपी पुलिस की अभिरक्षा में था, तब वह सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 से 4 बजे के बीच आखिर कैसे फरार हो गया? क्या थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी? क्या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी लापरवाह थे? या फिर इस पूरे मामले में किसी की मिलीभगत है? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस को देना होगा।

ये भी पढ़ें: उज्जैन में गुंडागर्दी: हफ्ता न देने पर मोबाइल दुकान में बैट से तोड़फोड़, CCTV में वारदात कैद

घटना सामने आते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि आरोपी के फरार होने से पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस फरार आरोपी को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है। एसपी आनंद कलादगी ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा से भागने की एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद एक्शन की कार्रवाई की जाएगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m