राकेश चतुर्वेदी,भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के चर्चित हनीट्रैप मामले में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, यह गैंग भोपाल, इंदौर और उज्जैन के बड़े कारोबारी, प्रॉपर्टी डीलर, नेताओं और अधिकारियों को निशाना बना रहा था। जांच में श्वेता जैन, अलका दीक्षित और रेशू उर्फ अभिलाषा के नाम सामने आए हैं।
हिडन गैजेट्स से वीडियो रिकॉर्ड करती थी हनीट्रैप गर्ल्स
बताया जा रहा है कि आरोपी महिलाएं हनीट्रैप के दौरान सामने वाले लोगों के मोबाइल दूर रखवा देती थीं, जबकि खुद पर्स, शर्ट या कोट के बटन में लगे छोटे हिडन गैजेट्स से वीडियो रिकॉर्डिंग करती थीं। कुछ लोगों के वीडियो मोबाइल और पेन ड्राइव में रिकॉर्ड भी किए गए हैं। जांच एजेंसियों को गुजरात के एक नेता को भी टारगेट किए जाने के संकेत मिले हैं।
रेशू राजनीति में बड़ा पद हासिल करना चाहती थी
सूत्रों के अनुसार, रेशू राजनीति में बड़ा पद हासिल करना चाहती थी, जबकि अलका दीक्षित और श्वेता जैन इस नेटवर्क के जरिए पैसे कमाने में सक्रिय थीं। रेशू मूल रूप से सागर की रहने वाली बताई जा रही है और वह पिछले कुछ समय से भोपाल में श्वेता जैन के साथ सक्रिय थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि शराब कारोबारी हितेंद्र की मुलाकात करीब एक महीने पहले अलका दीक्षित से हुई थी। अलका उस पर जमीन और कारोबार में 50 प्रतिशत पार्टनरशिप देने का दबाव बना रही थी। हितेंद्र ने अलका के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए इंकार कर दिया। इसके बाद उसे फंसाने की साजिश रची गई।
2019 में जेल में अलका और श्वेता की हुई थी दोस्ती
बताया जा रहा है कि अलका ने हनीट्रैप की कथित मास्टरमाइंड श्वेता जैन के संपर्क में रहकर एक युवती के जरिए हितेंद्र के वीडियो बनवाए। जानकारी के मुताबिक, 2019 में जेल के दौरान अलका और श्वेता की दोस्ती हुई थी। वहीं से अलका ने हनीट्रैप के तरीके, हिडन एप और गैजेट्स की जानकारी हासिल की थी। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। मामले में कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

