रामकुमार यादव, सरगुजा। अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर के आस-पास मिलने वाले प्रसाद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर के सामने स्थित एक दुकान से लिए गए मोतीचूर के लड्डू का सैंपल सरकारी लैब जांच में फेल हो गया है। जांच रिपोर्ट में लड्डू में कृत्रिम स्वीटनर एसपार्टेम (Aspartame) और सिंथेटिक फूड कलर सनसेट येलो (Sunset Yellow) की मात्रा तय मानकों से अधिक पाई गई है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित दुकान के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही अन्य दुकानों से भी दोबारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

लैब टेस्ट में फेल हुआ सैंपल
भोपाल की सरकारी मान्यता प्राप्त लैब की जांच रिपोर्ट में लड्डू को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। विभाग के अनुसार, अत्यधिक मात्रा में एसपार्टेम और सनसेट येलो का सेवन करने से कैंसर और सर दर्द जैसी बीमारी हो सकती है और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंदिर परिसर के सामने स्थित अन्य प्रसाद दुकानों से भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।

लड्डू में तय मानकों से अधिक मिले एसपार्टेम और सनसेट येलो
खाद्य सुरक्षा विभाग, सरगुजा की अधिकारी लक्ष्मी यादव ने बताया कि रामनवमी के दौरान लड्डू का सैंपल जांच के लिए लिया गया था। लैब जांच में यह सैंपल असुरक्षित पाया गया। उन्होंने बताया कि जांच में दो पदार्थ निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में मिले हैं। पहला एसपार्टेम, जिसका उपयोग मिठास के लिए किया जाता है। इसकी निर्धारित सीमा 1000 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है, जबकि सैंपल में इसकी मात्रा करीब 1700 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम पाई गई। अधिक मात्रा में इसके सेवन से कैंसर, सर दर्द जैसी बीमारी पैदा करती है। दूसरा सनसेट येलो फूड कलर है, जिसका उपयोग लड्डू को चमकीला बनाने के लिए किया जाता है। इसकी रिक्वायर्ड मात्रा 100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है, जबकि जांच में इसकी मात्रा करीब 1100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम पाई गई।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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