मोहाली। गमाडा के प्रोजेक्ट एरोट्रोपोलिस को लेकर अब असली परीक्षा शुरू हो गई है। पकिट ई, एफ, जी, एच, आई और जे के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण पर किसानों और जमीन मालिकों ने खुलकर एतराज जताए थे। अब इन्हीं करीब 355 आपत्तियों की सुनवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
9 दिसंबर 2025 को भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 11 के तहत जारी नोटिफिकेशन के बाद इलाके के कई गांवों से आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। लोगों का कहना है कि उनकी जमीनें खेती योग्य हैं। कुछ ने मुआवजे और कुछ ने और मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं। इन सभी बिंदुओं पर अब गांव वाइज सुनवाई होगी। गमाडा में लैंड एक्वीजिशन कलेक्टर के ऑफिस में तय शेड्यूल के मुताबिक 5 मार्च को गांव छत्त, किशनपुरा और बाकरपुर के मामलों पर सुनवाई होगी। 6 मार्च को बड़ी, सियाऊं और मटरां गांव के लोगों को बुलाया गया है।

7 मार्च को पत्तों और कुरड़ी के जमीन मालिक अपनी बात रखेंगे। प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को व्यक्तिगत पत्र भेजे गए हैं। जिन तक नोटिस नहीं पहुंच पाया, उनके लिए सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि हर आपत्ति को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा। नियमानुसार फैसला किया जाएगा। दूसरी ओर किसान चाहते हैं कि उनकी बात सिर्फ सुनी ही नहीं, बल्कि मानी भी जाए।
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