धनबाद। वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान धनबाद रेल मंडल में आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को आरपीएफ की टास्क टीम ने दून एक्सप्रेस की महिला बोगी से 120 जीवित कछुए बरामद किए। कछुओं को छह लावारिस बैगों में छिपाकर ले जाया जा रहा था।
गोमो-धनबाद के बीच चेकिंग में खुला राज
आरपीएफ की टीम 28-29 अगस्त की दरम्यानी रात ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-कोलकाता दून एक्सप्रेस में गश्त कर रही थी। करीब 12:30 बजे ट्रेन के पिछले हिस्से की महिला बोगी में जांच के दौरान जवानों को कई लावारिस बैग और बोरे दिखाई दिए।
टीम ने बोगी में मौजूद यात्रियों से सामान के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी बैगों की जिम्मेदारी नहीं ली। बैगों को बाहर से जांचने पर अंदर जीवित कछुए होने का अंदेशा हुआ।
छह बैग खोले तो हर एक में मिले 20 कछुए
धनबाद स्टेशन पहुंचने के बाद आरपीएफ ने सभी बैग प्लेटफॉर्म नंबर दो पर उतारे। गवाहों की मौजूदगी में जब उनकी तलाशी ली गई तो जूट के बोरों में 20-20 कछुए रखे मिले। छह बैगों से कुल 120 जीवित इंडियन फ्लैपशेल कछुए बरामद किए गए।
वन विभाग को सौंपे गए बरामद कछुए
बैगों पर किसी यात्री ने अपना दावा नहीं किया। आरपीएफ ने जब्ती की कार्रवाई पूरी करने के बाद कछुओं को सुरक्षित अपने कब्जे में रखा। बाद में उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई और सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया।
तस्करों तक पहुंचने में जुटी आरपीएफ
आरपीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में कछुओं को ट्रेन के जरिए कहां ले जाया जा रहा था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। टीम अज्ञात तस्करों की पहचान के लिए जांच और पूछताछ कर रही है।


