बंगाल में विधानसभा चुनाव खत्म हुए एक महीने से ऊपर हो चुका है, अभी भी वहां की राजनीति में उथल-पुथल है. ये अस्थिरता सत्ता काबिज में नहीं देखने को मिल रहा है, बल्कि TMC के भीतर देखने को मिल रहा है. TMC में अस्थिरता राजनीति के किसी भी लेवल में वर्तमान समय में आपको देखने को मिल जाएगा, चाहे वह विधायक का लेवल हो या फिर सांसद का या फिर कोई और लेवल. इसी बीच एक तरोताजा खबर आई है कि ममता बनर्जी ने AITC सांसद यूसुफ पठान से बहरामपुर से इस्तीफा देने की अपील की थी. ममता बनर्जी खुद लोकसभा सदस्य बनना चाहती हैं.
इन सब के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ी चर्चा सामने आई है. AITC सांसद यूसुफ पठान ने ममता बनर्जी द्वारा उनसे मांगी गयी इस्तीफा को ठुकरा दिया.
वर्तमान समय में ममता बनर्जी का सियासी जीवन में सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है. अनुमान लग रहा है कि विधायकों द्वारा बगावत होने के बाद अब सांसद लोग भी मन बना सकते है. ये सारी अटकलें कोलकाता से दिल्ली तक लग रही हैं. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानसूत्र सत्र से पहले खेला हो सकता है.
जानकारी के अनुसार पता चला है कि ममता ने सौरव गांगुली से यूसुफ पठान से बात करने को भी कहा था. वे यूसुफ से इस्तीफा देने का अनुरोध करें. यूसुफ ने साफ कहा है कि लोगों का जनादेश मिले अभी सिर्फ दो साल ही हुए हैं, इसलिए वे लोगों के जनादेश को नजरअंदाज नहीं कर सकते. इसलिए, वे बहरामपुर के सांसद पद से इस्तीफा नहीं देंगे.
वर्तमान में TMC के पास 28 लोकसभा सांसद और 13 राज्यसभा MP हैं। हालांकि, 2029 के चुनाव में अभी काफी समय है, इसलिए ममता यूसुफ पठान के इस्तीफे के बाद बहरामपुर में उपचुनाव कराने की जल्दी में थीं.
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