परवेज खान, शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली एक भावुक तस्वीर सामने आई है। जिला सहकारी बैंक में हुए 100 करोड़ रूपए के महाघोटाले का दंश अब आम खाताधारक भुगत रहे हैं। अपनी ही जीवनभर की गाढ़ी कमाई को वापस पाने के लिए बुजुर्ग और मासूम लोग इस भीषण गर्मी में कलेट्रेट के चक्कर काटने को मजबूर हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, पैसे नहीं।
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जनसुनवाई की कतार में चक्कर खाकर गिरे बुजुर्ग
नरवर के रहने वाले पीड़ित बुजुर्ग यशोनन्दन भार्गव अपनी जिंदगीभर की जमापूंजी वापस पाने की आस में जनसुनवाई की लंबी कतार में खड़े थे। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अचानक उन्हें चक्कर आ गया और वह वहीं बैठ गए। अपनी बेबसी और सिस्टम की लाचारी पर बुजुर्ग खुद को रोक नहीं पाए और कलेक्ट्रेट परिसर में ही फूट-फूटकर रोने लगे। बुजुर्ग को इस तरह रोता देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
‘पत्नी बीमार है, बेटे की शादी… फिर भी एक-एक पैसे को मोहताज’
पीड़ित यशोनन्दन भार्गव ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि जिला सहकारी बैंक में उनकी जीवनभर की कमाई के पूरे 20 लाख रुपये जमा हैं। वर्तमान में उनके घर पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा हुआ है। उन्होंने बताया कि पत्नी गंभीर रूप से बीमार है और जल्द ही बेटे की शादी होने वाली है। बैंक में मेरे 20 लाख रुपये होने के बावजूद मैं अपने परिवार के इलाज और शादी के लिए एक-एक पैसे को मोहताज हो चुका हूं। बैंक अधिकारी हमारी खुद की पूंजी हमें नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अब मैं क्या करूं, कहां जाऊं?
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100 करोड़ के घोटाले की सजा भुगत रही जनता
गौरतलब है कि शिवपुरी जिला सहकारी बैंक में हुए करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद से बैंक की वित्तीय स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। जांच और कार्रवाई के नाम पर प्रशासन ने बैंक से लेनदेन पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। जिसका सीधा असर उन गरीब और मध्यमवर्गीय खाताधारकों पर पड़ रहा है जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई इस बैंक में सुरक्षित रखी थी। अब लोग अपनी ही बेटियों की शादी और इलाज जैसे आवश्यक कार्यों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

