प्रवीण भारद्वाज, पानीपत। सीआईए-3 पुलिस ने जीटी रोड स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखे सोने के गहनों को बदलकर धोखाधड़ी करने के मामले में दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान साहिल, निवासी उत्तम नगर, गोहाना (सोनीपत), जो ब्रांच का पूर्व असिस्टेंट मैनेजर रह चुका है, के रूप में हुई है।

सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि आरोपी को बुधवार शाम को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपने पहले से गिरफ्तार साथी और ब्रांच के पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लॉकर में रखे गिरवी गहनों में से एक सोने के कड़े से लगभग 40 प्रतिशत सोना निकालकर उसे करीब 2.50 लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद उसकी जगह पीतल डालकर उस पर सोने का परत चढ़ाकर कड़ा वापस लॉकर में रख दिया गया।

आरोपी साहिल के हिस्से में करीब 1 लाख रुपये आए थे, जिनमें से अधिकांश राशि उसने खर्च कर दी। पुलिस ने उसके कब्जे से 5 हजार रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इससे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी राजेसाब महबूल यलगार के हिस्से में 1.50 लाख रुपये आए थे। उसके पास से 10 हजार रुपये बरामद कर उसे भी न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

मामले का विवरण:
शिकायतकर्ता सुनील (निवासी शिमला मौलाना, जिला पानीपत) ने पुलिस को बताया था कि उसने 19 तोले सोना मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखकर लोन लिया था और बाद में पूरा भुगतान कर अपने गहने वापस प्राप्त किए थे।

लेकिन जब उसने गहनों की जांच कराई तो एक कड़ा संदिग्ध पाया गया, जो असल में पीतल का निकला और उस पर सोने की परत चढ़ाई गई थी। जांच में सामने आया कि यह कड़ा असली गहनों की जगह बदलकर दिया गया था।

पीड़ित की शिकायत पर थाना शहर में बीएनएस की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरी वारदात में ब्रांच के तत्कालीन कर्मचारियों की मिलीभगत थी। पुलिस ने पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और अब दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई जारी है।