दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक सेठानी घाट शनिवार से रसीले और खुशबूदार आमों की महक से सराबोर हो उठा है। शहर में इस बार एक बड़ा बदलाव करते हुए दो दिवसीय भव्य ‘आम महोत्सव’ (मैंगो फेस्टिवल) का आयोजन पचमढ़ी के बजाय सेठानी घाट पर किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय उत्सव 30 मई और 31 मई तक चलेगा, जहां आम के शौकीनों के लिए स्वाद और वैरायटी का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
150 से अधिक स्टॉल्स और दुर्लभ प्रजातियां मुख्य आकर्षण
इस मैंगो फेस्टिवल में उद्यानिकी विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। घाट पर आम की 40 से अधिक विभिन्न किस्मों की 150 प्रदर्शनियां और स्टॉल लगाए गए हैं। महोत्सव में पहुंचने वाले लोग आमों के अलग-अलग वजन, अनोखे रंग-रूप और आकार को देख और परख पा रहे हैं।

फेस्टिवल में देश-प्रदेश की कई नामी और दुर्लभ प्रजातियों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से रॉयल मिश्री, सुंदरजा, मालदा और फजली, चौसा और जरदालू, मल्लिका, सावनिया और लंगड़ा समेत दर्जनों प्रजातियां शामिल हैं।

इसके साथ ही पचमढ़ी, मटकुली और माखननगर के सबसे प्रसिद्ध बॉम्बे ग्रीन, मालदा और मल्लिका आम अपने खास साइज और लाजवाब स्वाद के लिए मुख्य आकर्षण बने हुए हैं।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य
उद्यानिकी विभाग की उप संचालक रीता उईके ने बताया कि इस दो दिवसीय महोत्सव को जिला मुख्यालय पर आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों और आम लोगों को आम की विभिन्न उन्नत प्रजातियों से अवगत कराना है। इसके साथ ही, आमजन को अपने क्षेत्रों में आम के पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना भी इस आयोजन का एक बड़ा लक्ष्य है।

