अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली। जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में हुए मनोज कुमार हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे कर्ज, ब्याज और पुरानी रंजिश का जाल था। मृतक मनोज कुमार की हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और उसे अंजाम देने के लिए बिहार के शूटरों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।

मुख्य साजिशकर्ता रेलवे में लोको पायलट

पुलिस के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता रेलवे में लोको पायलट है, जिसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने मनोज कुमार को रुपये लौटाने का झांसा देकर घर से बुलाया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके सिर और सीने में गोली मार दी। घटना के बाद पुलिस ने सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

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मुख्य शूटर को कर लिया गया गिरफ्तार

मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की है। बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, जिसके जवाब में हुई पुलिस कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल की लगातार 15 घंटे की मॉनिटरिंग और अलीनगर पुलिस, स्वाट तथा सर्विलांस टीम के संयुक्त प्रयास से इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा संभव हो सका। मामले के सफल अनावरण पर एसपी ने पूरी टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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एसपी आकाश पटेल का बयान

मनोज कुमार हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर लिया गया है। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस टीम की सतर्क कार्रवाई से मुख्य आरोपी शूटर को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की गई है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।