रेवाड़ी। रेवाड़ी के Bawal Industrial Area स्थित एक रसायन निर्माण इकाई में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। करीब 120 घंटे तक चले खोज एवं बचाव अभियान के बाद मलबे से दो कर्मचारियों के कंकाल बरामद किए गए हैं। इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या अब बढ़कर तीन हो गई है।
आग कैसे लगी और क्या हुआ हादसे के दौरान
19 मई को GLS Ink Company में अचानक भीषण आग भड़क उठी थी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई और देखते ही देखते ढांचा भरभराकर गिर पड़ा। इसी दौरान दो कर्मचारी मलबे के नीचे दब गए।
5 दिनों तक चला कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन
रसायन और अत्यधिक तापमान के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।शुरुआत में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी बुलाया गया, लेकिन परिस्थितियां बेहद खतरनाक होने के कारण टीम को लौटना पड़ा।बाद में स्थानीय प्रशासन ने 15 हाइड्रा मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी रखा।
करीब पांच दिनों की लगातार कोशिशों के बाद दो कंकाल बरामद किए गए।
बढ़ा मौतों का आंकड़ा, DNA टेस्ट से होगी पहचान
एक कर्मचारी की पहले ही इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी।अब दो और कंकाल मिलने के बाद कुल मृतकों की संख्या तीन हो गई है।दोनों शवों की पहचान डीएनए परीक्षण के जरिए की जाएगी, जिसके लिए फॉरेंसिक टीम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच के घेरे में कंपनी प्रबंधन
इस हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।राहत कार्य में सहयोग न करने के आरोप लगाए गए हैं।यह भी जांच हो रही है कि क्या सुरक्षा मानकों और औद्योगिक नियमों का पालन किया गया था या नहीं।प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि लापरवाही साबित होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की निगरानी में राहत कार्य
रेवाड़ी के जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लगातार मौके पर निगरानी रखी। अब पूरे मामले की गहन जांच जारी है, ताकि हादसे के पीछे की असली वजह सामने आ सके और जिम्मेदारी तय की जा सके।

