चंडीगढ़। पंजाब में मास्टर कैडर में पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। पंजाब राज्य के विद्यालय शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के कार्यालय ने 23 जनवरी 2026 को जारी स्टेशन चयन संबंधी नोटिस को फिलहाल स्थगित कर दिया है। दरअसल, विभाग के संज्ञान में आया है कि कई जिलों से पात्र कर्मचारियों के पदोन्नति मामले भेजे ही नहीं गए, जिसके चलते अनेक योग्य शिक्षक मास्टर कैडर में पदोन्नति से वंचित रह गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने अब सभी जिलों से दोबारा सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (माध्यमिक व प्राथमिक) को निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर यह प्रमाणित करें कि उनके अधीन किसी भी पात्र कर्मचारी का मास्टर कैडर पदोन्नति से जुड़ा कोई मामला लंबित नहीं है।

लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में यह सामने आता है कि किसी पात्र कर्मचारी का मामला समय पर नहीं भेजा गया, तो उसके लिए संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। सरकार के इस फैसले से जहां योग्य शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं जिला स्तर पर शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। वहीं सूत्र बताते हैं कि यह निर्णय इस लिए लिया गया है कि सरकार ने (टेट) को पदोन्नति और स्टेशन चयन के लिए अनिवार्य शर्त पर विचार कर रही है। यानी जिन शिक्षकों ने टेट पास नहीं किया है, वे अब आगे की प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे।
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