अभय मिश्रा, मऊगंज। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरा देश शिव भक्ति में लीन है, वहीं मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से प्रशासन की एक ऐसी व्यवस्था सामने आई है जो आस्था और अर्थ के बीच की खाई को गहरा कर रही है। ऐतिहासिक देवतालाब शिव मंदिर, जिसे भगवान विश्वकर्मा की अद्भुत कृति माना जाता है, आज यहां भक्तों की लंबी कतारें नहीं बल्कि पैसे की ताकत बोल रही थी। जहां गरीब और महिलाएं कई घंटों से लाइनों में लगे रहे, वहीं 250 रुपये की एक पर्ची भक्तों को वीआईपी बना रही थी। आखिर महादेव के दरबार में यह कैसा भेदभाव ?
मऊगंज का ऐतिहासिक देवतालाब शिव मंदिर…
पत्थर पर पत्थर रखकर बिना चूना-गारा के एक रात में बना यह मंदिर स्थापत्य का वो चमत्कार है, जहां गर्भगृह बहुत ही संकीर्ण है और श्रद्धालुओं के आने जाने के लिए जगह कम पड़ जाती है इसलिए दरवाजा लगाने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया, लेकिन इंजीनियर मंदिर में जोड़ तक नहीं ढूंढ पाया उसे दरवाजा लगाने के लिए जगह तक नहीं मिल सकी। लेकिन आज इस संकीर्ण गर्भगृह के बाहर प्रशासन की सोच भी संकीर्ण नजर आई।
शॉर्टकट ने उड़ाया भक्ति का मखौल
महाशिवरात्रि पर यहां लाखों की भीड़ उमड़ी। 200 मीटर लंबी कतार में लोग 3-3 घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन इस तपस्या के बीच मंदिर प्रबंधन ने एक नया नियम लागू कर दिया- तत्काल दर्शन। नियम सीधा था, 250 दीजिए और चंद मिनटों में महादेव के सामने पहुंच जाइए। जब इस व्यवस्था की हकीकत जाननी चाही, तो सच हैरान करने वाला था। घंटों लाइन में लगने के बजाय जैसे ही हमने 250 की रसीद कटाई, प्रशासन ने पलक झपकते ही दर्शन करा दिए। जहां आम श्रद्धालु पसीने से तर-बतर धक्के खा रहे थे, वहीं पैसे के दम पर यह शॉर्टकट भक्ति का मखौल उड़ा रहा था।
जेब तय करेगी दर्शन का अधिकार ?
यह इलाका पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का विधानसभा क्षेत्र है। हाल ही में इसके जीर्णोद्धार और शिवलोक बनाने के लिए करोड़ों के बजट और पर्यटन विभाग से स्टीमेट की बात कही गई थी। लेकिन हकीकत ये है कि यहां दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुलभ शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। सवाल यह उठता है कि जिस मंदिर की महिमा निराली हो, जहां भगवान विश्वकर्मा के हाथों की कारीगरी हो, क्या वहां प्रशासन को इस तरह का भेदभावपूर्ण नियम शोभा देता है ? क्या महादेव के दरबार में अब दर्शन का अधिकार भक्ति नहीं, बल्कि जेब तय करेगी ?
तहसीलदार बोले- समय की बजत के लिए बनाई व्यवस्था
मऊगंज तहसीलदार वीरेंद्र पटेल ने वीआईपी दर्शन को लेकर कहा कि एक प्रशासनिक व्यवस्था बनाई गई है। जिसके पास समय का अभाव है, उन्हें जल्द दर्शन कराया जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने कहा कि मऊगंज जिले में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहां तीन महत्वपूर्ण मंदिर है। तीनों मंदिर क्षेत्रों में समुचित व्यवस्था लगाई गई है।


