लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है. मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को निष्कासित कर दिया. इससे पहले आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाला था. अब मायावती ने इस पर अपना बयान दिया है.
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मायावती ने बताया कार्रवाई का कारण
मायावती ने X पर लिखा- बसपा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर चलती है. पार्टी में निजी स्वार्थ रखने वाले नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है. जो किसी भी समाज के व्यक्ति विशेष से ज़्यादा, परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के पवित्र संविधान की सच्ची मंशा के मुताबिक, सर्वसमाज के हित व कल्याण के लिए समर्पित है और इसीलिए पार्टी में नेताओं की नहीं, बल्कि पूरे तन, मन, धन से समर्पित अम्बेडकरवादी कार्यकर्ताओं की ही फौज हर स्तर पर अधिकतर सक्रिय है. यही मान्यवर श्री कांशीराम जी द्वारा पार्टी व मूवमेन्ट के हित में स्थापित परम्परा भी है.
स्वार्थ के लिए पार्टी का इस्तेमाल करने का आरोप
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने पार्टी और समाज के हित की जगह अपने परिवार और निजी फायदे को प्राथमिकता दी, जिससे संगठन को नुकसान पहुंचा. मायावती ने कहा कि पार्टी में ईमानदार, युवा और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाया जा रहा है. यही लोग आने वाले समय में बसपा की ताकत बनेंगे.
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ब्राह्मण समाज को दिया संदेश
मायावती ने ब्राह्मण समाज से पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहने की अपील की और कहा कि सरकार बनने पर 2007 की तरह सभी समाजों को सम्मान दिया जाएगा. आगे लिखा कि, पार्टी खासकर ब्राह्मण समाज को यह भी विश्वास दिलाना चाहती है कि वे अपनी पूरी मजबूती के साथ पार्टी से जुड़े रहें और उन्हें हर चुनाव में उनकी तैयारी के आधार पर उनकी भागीदारी यानी चुनावी उम्मीदवार बनाने और सरकार बनने पर सन 2007 की तरह ही इनको व अन्य सभी समाज को भी पूरा-पूरा उचित मान-सम्मान ज़रूर दिया जाता रहेगा. सर्वसमाज आधारित ऐसी अपनी बसपा को जमीनी स्तर पर तैयार करने के मामले में अब विशेषकर दलित समाज को ही अपनी अहम भूमिका निभानी है.


