लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर को इस बार बड़े राजनीतिक आयोजन के रूप में मनाने की तैयारी में जुट गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को हुई विशेष बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को आयोजन की तैयारियां मिशनरी भाव से करने के निर्देश दिए हैं. माना जा रहा है कि इसी आयोजन के जरिए बसपा अपने चुनावी अभियान को धार दे सकती है.
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सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ताओं को लखनऊ बुलाने की तैयारी
इस बार कांशीराम की पुण्यतिथि के आयोजन को पहले से बड़ा बनाने की रणनीति तैयार की गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंडल आमतौर पर नोएडा स्थित दलित प्रेरणा स्थल पर कार्यक्रम करते हैं, लेकिन इस बार प्रदेश के सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक पर बुलाने की तैयारी है. पिछले साल भी लखनऊ में सभी मंडलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और पांच लाख से अधिक की भीड़ जुटने का दावा किया गया था.
31 अगस्त की बैठक में चुनावी तैयारियों पर मंथन
मायावती ने 31 अगस्त को लखनऊ स्थित बसपा प्रदेश कार्यालय में विशेष बैठक की थी. इसमें प्रदेश, मंडल और 75 जिलों के अध्यक्षों के अलावा भाईचारा कमेटियों के पदाधिकारी तथा विधानसभा प्रभारी प्रत्याशी भी शामिल हुए. बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और संभावित प्रत्याशियों के चयन की समीक्षा की गई.
200 विधानसभा सीटों पर प्रभारी प्रत्याशी तय करने की तैयारी
बसपा अब तक करीब 50 विधानसभा सीटों पर प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर चुकी है. पार्टी की योजना इसी महीने के अंत तक करीब 200 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी प्रत्याशी तय करने की है. इसके जरिए बसपा चुनाव से काफी पहले संगठनात्मक ढांचा तैयार कर मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है.
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महंगाई-बेरोजगारी को लेकर सरकार पर मायावती का हमला
बैठक में मायावती ने महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने चुनाव से पहले किए जाने वाले लोकलुभावन वादों और बाद में कथित वादाखिलाफी पर भी सवाल उठाए. मायावती ने युवाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी जनविरोधी नीतियों के कारण आंदोलन करने को मजबूर है.


