लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती आज सोमवार (31 अगस्त 2026) को लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में बड़ी बैठक कर रही हैं. बैठक में दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश सिंह पहुंचे हैं. उनके बैठक में पहुंचने को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि मायावती जल्द ही युकेश सिंह को उनके पिता की राजनीतिक विरासत संभालने की जिम्मेदारी दे सकती हैं और उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक तौर पर आगे बढ़ा सकती हैं.

बैठक की शुरुआत दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. इस दौरान करीब दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया गया.

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उमाशंकर के निधन के बाद मायावती ने किया था बड़ा ऐलान

यूपी में बसपा के इकलौते विधायक रहे उमाशंकर सिंह का 5 अगस्त को 55 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था. वह लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे. उनके निधन के बाद मायावती ने उन्हें अपना करीबी और वफादार नेता बताते हुए कहा था कि उमाशंकर सिंह उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे. मायावती ने यह भी कहा था कि यदि परिवार की इच्छा होगी तो उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया जाएगा और उन्हें वही सम्मान और महत्व दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जो उमाशंकर सिंह को मिला था.

600 से ज्यादा पदाधिकारी बैठक में पहुंचे

लखनऊ में सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई बैठक में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष, मंडल कोऑर्डिनेटर, घोषित विधानसभा प्रभारी और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं. बताया जा रहा है कि बैठक में 600 से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे हैं. बैठक का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर है. पार्टी की जमीनी स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है.

2027 के लिए प्रत्याशियों पर भी मंथन

बसपा प्रमुख बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के साथ पिछली बैठकों में दिए गए दिशा-निर्देशों पर हुई प्रगति का जायजा ले रही हैं. संभावित विधानसभा प्रत्याशियों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर भी मंथन जारी है. ऐसे में उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश सिंह का पहली बार इस स्तर की बैठक में शामिल होना खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कयास लगाए जा रहे हैं कि बसपा उन्हें पूर्वांचल की राजनीति में पिता की विरासत के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है.

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बैठक से आकाश आनंद की दूरी भी चर्चा में

मायावती की इस बैठक में उनके भतीजे आकाश आनंद मौजूद नहीं हैं. बताया गया है कि सोमवार की बैठक का फोकस केवल उत्तर प्रदेश की राजनीति और संगठन पर रखा गया है. आकाश आनंद के 3 सितंबर को होने वाली बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने की बात कही जा रही है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि मायावती बैठक के बाद संगठन और 2027 चुनाव को लेकर क्या नए निर्देश देती हैं और क्या युकेश सिंह को उनके पिता उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत सौंपने की दिशा में कोई औपचारिक कदम उठाया जाता है.