सुमन चौहान, करनाल। नगर निगम कार्यालय में बुधवार को महापौर रेणु बाला गुप्ता ने जनसुनवाई के दौरान आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। शहर के विभिन्न वार्डों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें महापौर के समक्ष रखीं, जिन्हें उन्होंने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना। महापौर ने समस्याओं का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया महज एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का एक सेतु है। इस दौरान नागरिकों ने महापौर की कार्यशैली और जनहित के प्रति उनके सक्रिय दृष्टिकोण की खुले दिल से सराहना की।

अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश
महापौर ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि नागरिकों की शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य करनाल के नागरिकों को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। महापौर के अनुसार, शहर के सर्वांगीण विकास के लिए जनता का फीडबैक बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि जब तक आम आदमी की छोटी-छोटी समस्याएं हल नहीं होंगी, तब तक सुशासन का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।

जनभागीदारी से होगा करनाल का विकास
जनसुनवाई के दौरान महापौर ने शहर के विकास में जनभागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ निरंतर संवाद और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान ही एक आदर्श शहर की नींव है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन की पारदर्शी नीतियों और समयबद्ध कार्रवाई से करनाल को एक मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में महापौर के प्रयासों की प्रशंसा की। नगर निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें हल करने का सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा।

