नवीन शर्मा, हांसी. सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी ने देश के प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल-डीजल कम प्रयोग करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोगों में भय नहीं बल्कि जागरूकता पैदा की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई पैनिक पैदा नहीं किया, बल्कि लोगों को आगाह किया है। मंत्री बोले कि जैसे परिवार का मुखिया अपने घर के लोगों को पहले से सतर्क करता है, उसी तरह प्रधानमंत्री ने भी देशवासियों को गैर-जरूरी चीजों पर नियंत्रण और बचत की सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास 10 ग्राम या एक तोला सोना अलमारी में रखा है। उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा, तो उसे खरीदने में देश की महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा बाहर चली जाती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य लोगों में घबराहट पैदा करना नहीं, बल्कि बचत और आर्थिक जागरूकता के प्रति संकेत देना है।

मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी केवल किसी एक प्रदेश के नहीं बल्कि पूरे देश के मुखिया हैं, इसलिए दुनिया में हो रहे आर्थिक और वैश्विक घटनाक्रमों के प्रति देशवासियों को समय-समय पर आगाह करना उनकी जिम्मेदारी है।

कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी का बयान लोगों को समझ से परे लग रहा है। पेट्रोल-डीजल के दामों में अभी 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा है, लेकिन मंत्री इसे कोई बड़ी बात नहीं मान रहे।

उल्टा वे 10 रुपये कम होने की बात कह रहे हैं, जबकि पिछले करीब एक साल से रेट लगभग इसी स्तर पर बने हुए थे।

ऐसे में लोगों का सवाल है कि जब हर बढ़ोतरी का असर सीधे खर्चों पर पड़ता है तो इसे हल्के में क्यों लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जो परिस्थितियां हैं, उनके अनुरूप हमें बात करनी चाहिए।

अब मई के महीने में हम गर्मी की ही बात करेंगे, सर्दी की बात थोड़ी करेंगे। अगर हम कह दें कि मई के महीने में भयंकर सर्दी पड़ रही है, तो लोगों में भय पैदा होगा।

वही मंत्री से जब पूछा गया कि सरकार शिक्षा को छोड़कर धर्म और राम के नाम की बातें करती है। इस पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल बेदी भड़क गए। बीच में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि आज के मुद्दे की बात करो।