रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) में पदस्थ उप सचिव अंशिका पाण्डेय के स्थानांतरण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने शासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने विभाग के सचिव को स्मरण-पत्र सौंपते हुए कहा है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर स्थानांतरण संबंधी निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
यह भी पढ़ें : तेज रफ्तार का कहर: पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे, दो युवकों की मौत
संघ के अध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय ने स्मरण-पत्र के जरिए बताया कि अंशिका पाण्डेय पिछले पाँच वर्षों से अधिक समय से मंत्रालय (महानदी भवन) में पदस्थ हैं। संघ का दावा है कि यह सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 23 फरवरी को जारी परिपत्र की भावना के विपरीत है, जिसमें सामान्यतः अधिकारियों एवं कर्मचारियों के एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थ रहने से बचने का प्रावधान किया गया है।

संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि इस विषय पर 23 जून को मुख्य सचिव को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें विभिन्न तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर स्थानांतरण की मांग की गई थी। संघ का कहना है कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिससे मंत्रालय के कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।
स्मरण-पत्र में कहा गया है कि मंत्रालय में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। संघ का मत है कि स्थानांतरण नीति का समान रूप से पालन होने से प्रशासनिक निष्पक्षता और कर्मचारियों का विश्वास दोनों सुदृढ़ होंगे।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करेगा। संघ का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली प्रशासनिक परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


