ODISHA DESK, फुलबानी: ओडिशा के कंधमाल जिले में मनरेगा (MGNREGA) योजना में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। धाराकोट पंचायत में करीब 38 लाख रुपये की प्रशासनिक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में जिला प्रशासन ने एक अतिरिक्त विकास अधिकारी (ADO) और एक पंचायत कार्यकारी अधिकारी (PEO) को नौकरी से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह वित्तीय गड़बड़ी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत तालाब खुदाई के काम के दौरान हुई। इस परियोजना में बड़े पैमाने पर धन के दुरुपयोग की शिकायत मिलने के बाद कंधमाल जिला कलेक्टर (DM) ने जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह निलंबन आदेश जारी किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि इस घोटाले में परियोजना की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और फर्जी दस्तावेजों के सहारे 38 लाख रुपये हड़प लिए गए।
भ्रष्टाचार के तार ऊपर तक जुड़े होने के कारण, जिला कलेक्टर ने इस परियोजना से संबद्ध एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक सहायक इंजीनियर (AE) को भी निलंबित करने की सिफारिश उच्चाधिकारियों से की है।
ग्रामीण विकास परियोजनाओं में लगातार मिल रही भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि सामुदायिक संपत्ति के निर्माण और ग्रामीणों के विकास के लिए आई सरकारी धनराशि का अधिकारियों ने निजी स्वार्थ में दुरुपयोग किया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में गहरा असंतोष और आक्रोश था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ ऐसी अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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