संजीव, सोनीपत. हरियाणा के Sonipat जिले में गुरुवार को बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर बड़ी मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। गांव महलाना से गुजरने वाली नहर में जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। इस दौरान नहर में डूबे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया।

यह मॉक ड्रिल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशन में आयोजित की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व उपायुक्त नेहा सिंह ने किया।

कंट्रोल रूम से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
मॉक एक्सरसाइज के दौरान लघु सचिवालय स्थित कंट्रोल रूम में सूचना दी गई कि गांव महलाना के पास नहर में तीन लोग डूब गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और सिंचाई विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

एसडीआरएफ जवानों ने मोटरबोट और विशेष उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार दिया। बाद में एंबुलेंस के जरिए घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

कई विभागों ने मिलकर किया अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान लघु सचिवालय में जिला स्तरीय ऑपरेशन सेंटर बनाया गया। वहीं गांव महलाना में स्टेजिंग एरिया और सिविल अस्पताल में हेल्थ कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया। यहां से पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की गई।
पुलिस विभाग ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था संभाली। सिंचाई विभाग ने नहर के जलस्तर और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की जानकारी दी। बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमें भी अलर्ट मोड पर रहीं।
मानसून से पहले तैयारियों पर जोर
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि मानसून के दौरान बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पहले से तैयारियां कर रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय त्वरित राहत और बेहतर समन्वय सबसे जरूरी होता है। ऐसी मॉक एक्सरसाइज से विभागों की तैयारी और रिस्पॉन्स क्षमता का परीक्षण होता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में नहरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

