मोकामा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंजीरा दियारा इलाके में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों में घुस आने से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि एक हजार से अधिक स्थानीय नागरिकों को अपने आशियाने छोड़ने पड़े हैं। लोग अपने मवेशियों और जरूरी सामान को समेटकर नावों के जरिए सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन करने को मजबूर हो चुके हैं।
जलभराव से अस्त-व्यस्त हुआ जनजीवन
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण जंजीरा दियारा के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे पूरे क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। ग्रामीण मुख्य रूप से नावों के सहारे मोकामा की तरफ जाने को विवश हैं। विस्थापित हो रहे कई परिवार अपने मवेशियों के साथ-साथ बिस्तर, चौकी, किताबें और अन्य घरेलू सामान सिर और नावों पर लादकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकल रहे हैं।
स्कूलों में घुसा पानी, बच्चों की शिक्षा प्रभावित
इस आपदा का सबसे बुरा असर नौनिहालों के भविष्य पर पड़ रहा है। बाढ़ का पानी स्थानीय स्कूलों के परिसरों में भर जाने के कारण करीब 200 स्कूली बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। स्थिति यह है कि छोटे-छोटे बच्चों को अपनी किताबें और पढ़ाई का जरूरी सामान बचाकर नाव के जरिए सुरक्षित स्थानों तक सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का दर्द है कि उन्हें हर साल मानसून और बाढ़ के दिनों में इसी तरह की भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्रशासनिक सुस्ती और जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश
मुश्किल की इस घड़ी में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि संकट के इस दौर में किसी भी जनप्रतिनिधि ने उनकी सुध नहीं ली है। बुजुर्गों का कहना है कि दियारा क्षेत्र में हर साल बाढ़ एक बड़ी समस्या बनती है, लेकिन इसके बावजूद ठोस इंतजाम नहीं होते। आपात स्थिति के दौरान समय पर सरकारी नावों और राहत सामग्री की सुविधा न मिलने से ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं।
प्रशासन का आश्वासन: जल्द होगी राहत की व्यवस्था
दूसरी ओर, मोकामा के बीडीओ रवि कुमार ने इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि लगातार विस्थापित हो रहे लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए मोकामा अंचल कार्यालय में राहत और आश्रय स्थलों की पुख्ता तैयारी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों के ठहरने और खाने-पीने के लिए जल्द ही उचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे। फिलहाल जंजीरा दियारा के पीड़ित ग्रामीण प्रशासनिक अमले की ओर से राहत कार्यों के धरातल पर उतरने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


