भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, लेकिन इससे पहले उत्तर भारत को भीषण लू का सामना करना पड़ेगा।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। देशभर में भीषण गर्मी के बीच राहत भरी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस बार तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मॉनसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, जबकि आमतौर पर इसकी एंट्री 1 जून को होती है। हालांकि विभाग ने इसमें चार दिन आगे-पीछे की संभावना भी जताई है। अगले 24 घंटों में मॉनसून के बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक पहुंचने की उम्मीद है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश भी शुरू हो चुकी है, जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

लेकिन मॉनसून की राहत से पहले उत्तर भारत को भीषण गर्मी और लू का बड़ा इम्तिहान झेलना होगा। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 मई के दौरान राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, Punjab (पंजाब), और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में Heatwave (लू – गर्म हवाओं का प्रकोप) का असर देखने को मिलेगा। इस दौरान तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दोपहर में बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। गर्म और शुष्क हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, वहीं कई इलाकों में Warm Nights (गर्म रातें) भी परेशान करेंगी।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम शुष्क रहेगा और पारा लगातार ऊंचा बना रह सकता है। हरियाणा और पंजाब में लू चलने की संभावना है, जबकि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर लू का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि मैदानी इलाकों के उलट जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 और 20 मई को हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को पानी ज्यादा पीने, सिर ढककर बाहर निकलने और दोपहर की तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है।