सोहराब आलम/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां सरकारी जमीन के सीमांकन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। श्यामपुर चौक पर हुए इस ‘खौलती चासनी कांड’ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।

​जमीन विवाद और खौलता प्रतिशोध

मिली जानकारी के अनुसार, घटना 11 मई की है। श्यामपुर चौक पर स्थित सरकारी जमीन के सीमांकन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। विवाद उस वक्त खौफनाक मोड़ ले लिया जब एक पक्ष ने विरोधियों पर खौलती हुई चासनी फेंक दी। चासनी इतनी गर्म थी कि इसकी चपेट में आने से कई लोग बुरी तरह झुलस गए। मौके पर मची चीख-पुकार के बीच आरोपी फरार होने में सफल रहे, लेकिन स्थानीय लोगों ने इस पूरी बर्बरता का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

​पुलिस की त्वरित छापेमारी और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता और वायरल वीडियो के संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आदापुर थानाध्यक्ष पूजा कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान श्यामपुर चौक निवासी मुन्ना भगत और सुनील भगत के रूप में हुई है।

​वीडियो साक्ष्य से किशोर की पहचान

इस मामले में पुलिस ने आधुनिक अनुसंधान का सहारा लिया। वायरल वीडियो का सूक्ष्म विश्लेषण करने के बाद एक विधि-विरुद्ध बालक (किशोर) की पहचान सत्यम कुमार के रूप में की गई। पुलिस ने उसे भी निरुद्ध कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो साक्ष्य इस मामले में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे।

​जांच की प्रक्रिया जारी

आदापुर पुलिस फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस घटना के पीछे की पूरी साजिश और अन्य संलिप्त लोगों का पता लगाया जा सके। थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। घायलों का उपचार जारी है और गांव में स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस एहतियातन गश्त कर रही है।