सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में बेतिया राज और हनुमान शुगर मिल की जमीन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। मोतिहारी सदर अंचल कार्यालय से करीब 500 लोगों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया है। दरअसल प्रशासन को सूचना मिली थी कि बेतिया राज की जमीन की कथित रूप से गलत तरीके से रजिस्ट्री कराकर कई लोगों ने जमाबंदी भी कायम करा ली है, जिसके बाद सरकार के निर्देश पर पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।
जमीन को अपने कब्जे में लेगी सरकार
सदर अंचल अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि, जिन मामलों में गलत तरीके से जमाबंदी कायम की गई है, उन्हें रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों को हटाकर संबंधित जमीन सरकार के कब्जे में ली जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध रूप से जमीन पर दावा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
अंचल अधिकारी सुनील कुमार ने यह भी कहा कि, यह कार्रवाई केवल बेतिया राज की जमीन तक सीमित नहीं रहेगी। बल्कि चीनी मिल की जमीनों से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान जहां-जहां सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा और अनियमितता मिलेगी, वहां कानून के अनुसार सख्त एक्शन लिया जाएगा।
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल बिहार सरकार ने ‘बेतिया राज संपत्ति नियमावली, 2026’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत इन संपत्तियों के प्रबंधन, संरक्षण और निपटारे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद पूर्वी चंपारण समेत 6 जिलों में बेतिया राज की हजारों एकड़ जमीन को सरकारी नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसी क्रम में पूर्वी चंपारण जिले के सभी 26 अंचलों में अमीनों की टीम ने वैज्ञानिक पद्धति से जमीन की मापी कराई, तो अकेले मोतिहारी सदर अंचल में ही सैकड़ों एकड़ भूमि पर लोगों द्वारा अवैध कब्जे और अनियमितताएं सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने इस मामले में लगभग 500 लोगों को नोटिस भेजकर बेतिया राज की जमीन को खाली करने का निर्देश दिया है।
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