सोहराब आलम/मोतिहारी। जिले के सुगौली थाना क्षेत्र स्थित बेलवतिया गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब शादी के मंडप से दुल्हन ने फेरे लेने से इनकार कर दिया। मामला नेपाल से आई बारात से जुड़ा है। दुल्हन पक्ष का आरोप है कि दूल्हे पक्ष की ओर से शादी के लिए लाए गए जेवर नकली थे, जिसे देखकर दुल्हन ने शादी तोड़ने का साहसी निर्णय लिया।
क्या है पूरा मामला?
बेलवतिया गांव के रहने वाले लक्ष्मीनारायण साहनी की बेटी आरती की शादी नेपाल के बारा जिला निवासी सुभाष कुमार के साथ तय हुई थी। 22 जून को धूमधाम से बारात बेलवतिया पहुंची। द्वार-पूजा और अन्य रस्में पूरी हो रही थीं, तभी कन्या निरीक्षण के दौरान दुल्हन और उसके परिजनों को उपहार में लाए गए गहनों पर शक हुआ। गहन जांच के बाद परिजनों ने गहनों को नकली बताया, जिससे माहौल पूरी तरह बदल गया।
बाराती बने बंधक, दूल्हा-पिता अभी भी कैद
जेवर के नकली होने की बात आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने बारात को बंधक बना लिया। हालांकि, अगली सुबह बारातियों को तो मुक्त कर दिया गया, लेकिन दुल्हन पक्ष ने दूल्हा सुभाष कुमार और उसके पिता को अब भी बंधक बना रखा है।
दोनों पक्षों का क्या है कहना?
दुल्हे के भाई का दावा है कि गहने असली हैं और दुल्हन पक्ष बेवजह का विवाद खड़ा कर रहा है। उन्होंने इस मामले में प्रशासन से गुहार लगाने की बात कही है। वहीं लड़की के पिता लक्ष्मीनारायण साहनी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के लिए गाड़ी और दहेज की अन्य शर्तें तय थीं, लेकिन जब उन्होंने गाड़ी लेने से इनकार कर दिया और बदले में जेवर की मांग की, तो दूल्हा पक्ष ने जो गहने दिए वे भी पूरी तरह नकली निकले।
फिलहाल, इस अनोखी शादी को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है। पुलिस मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच में जुटी है।

