पटना। मंगलवार की सुबह पटना से सहरसा जा रही 13228 राजेंद्र नगर-सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए उस समय मुसीबत खड़ी हो गई, जब ट्रेन के इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा। इस तकनीकी खराबी ने न केवल यात्रियों को दहशत में डाल दिया, बल्कि ट्रेन परिचालन को भी काफी देर तक बाधित रखा।
इंजन से धुआं देख सहमे यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन जैसे ही दीदारगंज हॉल्ट के पास पहुंची, अचानक इंजन से काला धुआं उठने लगा। धुएं के गुबार को देख यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। ट्रेन में सवार लोग अपनी जान बचाने की आपाधापी में जल्दबाजी करने लगे। दहशत इतनी थी कि कई यात्री ट्रेन के पूरी तरह रुकने का इंतजार किए बिना ही चलती ट्रेन से नीचे कूद पड़े। इस दौरान एक कोच के लगभग खाली हो जाने की स्थिति उत्पन्न हो गई। यात्रियों के चिल्लाने और अफरा-तफरी के माहौल ने मौके पर डर का माहौल बना दिया।
लोको पायलट की सूझबूझ से बची जान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोको पायलट ने तत्परता दिखाई और ट्रेन को सुरक्षित दीदारगंज हॉल्ट के समीप रोका। इसके बाद उन्होंने तुरंत तकनीकी टीम को सूचित किया। बंका घाट थाना प्रभारी गनौरी प्रसाद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी खामी के कारण ट्रेन को आगे बढ़ाना संभव नहीं था। लोको पायलट ने किसी तरह मशक्कत कर ट्रेन को रेंगते हुए फतुहा स्टेशन तक पहुंचाया ताकि सुरक्षित तरीके से मरम्मत कार्य किया जा सके।
फतुहा स्टेशन पर घंटे भर फंसी रही ट्रेन
फतुहा स्टेशन पर सुबह 8:46 बजे ट्रेन को खड़ा कर दिया गया, जिसके बाद वहां रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञ और अधिकारी पहुंचे। खराब इंजन की गहन जांच की गई, लेकिन खराबी इतनी गंभीर थी कि उसे तुरंत ठीक करना संभव नहीं था। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने दूसरा इंजन मंगवाने का निर्णय लिया। इस दौरान यात्री भीषण गर्मी और अनिश्चितता के बीच काफी परेशान रहे।
नया इंजन लगने के बाद रवाना हुई ट्रेन
करीब 50 मिनट तक चले तकनीकी संघर्ष के बाद फतुहा स्टेशन पर नया इंजन जोड़ा गया। आखिरकार सुबह 9:36 बजे, जब इंजन बदला गया, तब जाकर ट्रेन को सहरसा के लिए रवाना किया गया। इस घटना के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई। रेलवे की ओर से मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक स्थिति से बचा जा सके। फिलहाल, सभी यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए हैं।

