सोहराब आलम, मोतिहारी। नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने अब बिहार के पूर्वी चंपारण में खतरे की घंटी बजा दी है। जिले के बंजरिया प्रखंड में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है और कई गांव चारों तरफ से जलमग्न हो गए हैं। जटवा, जनेरवा, अजगरी और चैलाहा समेत कई पंचायतों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। निचले इलाकों में पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

जलमग्न होने से किसानों की फसल बर्बाद

निचले इलाकों में पानी घुसने के कारण बंजरिया प्रखंड के कई पंचायत बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, खेत के जलमग्न होने से किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है और कई घरों के आसपास भी पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल उन्हें बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती है। अभी तो यह शुरुआत है और आने वाले दिनों में तीन से चार बार बाढ़ आने की आशंका है।

सहायता और स्थायी समाधान की मांग

बाढ़ पीड़ितों ने सरकार से आर्थिक सहायता और स्थायी बाढ़ समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्थायी निवारण नहीं होगा, तब तक हर साल उन्हें इसी तरह नुकसान उठाना पड़ेगा। उधर सिकरहना नदी का कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है। तेज बहाव के कारण कई फीट जमीन नदी में समा चुकी है, जिससे आधा दर्जन परिवारों के घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

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