मुजफ्फरपुर। जिले में मंगलवार देर रात लगभग 12 बजे मोतिहारी से मुजफ्फरपुर आ रही एक यात्रियों से भरी चलती बस में अचानक भीषण आग लग गई। घटना मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एनएच-27 बरजी ओवरब्रिज के पास की है। आग लगने की इस अचानक हुई घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

​सूझबूझ से बची जान

​घटना के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे जो मोतिहारी से अपनी यात्रा पूरी कर मुजफ्फरपुर की तरफ बढ़ रहे थे। जैसे ही बस बरजी ओवरब्रिज के पास पहुंची, अचानक से उसमें शॉर्ट सर्किट होने के कारण चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बस के भीतर धुआं फैलते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।
​हालांकि, इस संकट की स्थिति में बस के ड्राइवर ने असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया। ड्राइवर ने बिना एक पल गंवाए तुरंत बस को सड़क के किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी 35 यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में खिड़कियों और दरवाजों से बाहर छलांग लगा दी। सभी यात्रियों के समय रहते सुरक्षित बाहर निकल जाने के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है।

​धू-धू कर जली बस

​यात्रियों के उतरने के कुछ ही मिनटों के भीतर आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते बस का अधिकांश ढांचा और अंदर का हिस्सा पूरी तरह से जलकर खाक हो गया।
​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई। अमृता कुमारी के नेतृत्व में दमकल विभाग की गाड़ी बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। समय पर फायर ब्रिगेड के पहुंच जाने से आसपास के क्षेत्र में बड़ा खतरा टल गया।

​शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है मुख्य कारण, जांच जारी

​घटना के बाद रात के सन्नाटे में ओवरब्रिज पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही और तनाव का माहौल बना रहा। प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों की गवाही के आधार पर बस में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी इस बात की गंभीरता से जांच कर रहे हैं कि आखिर आग लगने के वास्तविक कारण क्या थे।
​इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्री बसों की तकनीकी फिटनेस और मेंटेनेंस पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। गनीमत यह रही कि ड्राइवर की तत्परता और दमकल विभाग के त्वरित एक्शन के कारण 3500 जिंदगियां और 35 यात्रियों की अमूल्य जान बाल-बाल बच गई, जिससे एक बहुत बड़ा भीषण हादसा टल गया।