सोहराब आलम/मोतिहारी। बिहार में पुलिस महकमे की छवि सुधारने और आम लोगों के साथ बेहतर व्यवहार करने के डीजीपी के कड़े निर्देशों के बावजूद, पूर्वी चंपारण जिले से पुलिस की बर्बरता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। हरसिद्धि बाजार में एक फल व्यवसायी और उनके किशोर पुत्र की पुलिस द्वारा की गई बेरहमी से पिटाई का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
घटना हरसिद्धि बाजार स्थित जय माता दी फ्रूट्स की है। पीड़ित फल व्यवसायी चंद्रिका साह का आरोप है कि सोमवार सुबह हरसिद्धि थाने में तैनात एसआई प्रीतम कुमार उनकी दुकान पर आए और फल व नारियल पानी लिया। जब व्यवसायी ने सात सौ रुपये का बिल मांगा, तो दरोगा ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि धमकाते हुए वहां से चले गए। हालांकि, बाद में उन्होंने कुल 290 रुपये पेटीएम किए।
वर्दी का रौब और बर्बरता
मामला तब और बिगड़ गया जब मंगलवार रात करीब आठ बजे एसआई प्रीतम कुमार, अविनाश कुमार और अनिल कुमार समेत छह पुलिसकर्मी दुकान पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और “प्रशासन से उलझने” का आरोप लगाते हुए पिता-पुत्र को लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया।
पीड़ित चंद्रिका साह ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनके कपड़े फाड़ दिए और उनके 16 वर्षीय पुत्र रूपेश कुमार सिंह को भी नहीं बख्शा। गौरतलब है कि रूपेश के पैर का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था, पुलिस ने उसी जख्मी हिस्से पर वार किया। बीच-बचाव करने आए स्थानीय दुकानदारों को भी धमकाकर भगा दिया गया और वीडियो बना रहे युवकों से मोबाइल छीन लिए गए।
एसपी ने लिया संज्ञान
पुलिसिया हनक का यह पूरा घटनाक्रम आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने संज्ञान लिया है। एसपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की जांच सदर एसडीपीओ को सौंप दी गई है। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, वहीं पीड़ित फल व्यवसायी का परिवार इस घटना के बाद से गहरे सदमे और भय के साये में है।

