शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज शिक्षक अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया। वर्ग 1 और 3 के शिक्षक अभ्यर्थियों ने जनजातीय कार्य विभाग के सामने विरोध जताया। इस दौरान पद वृद्धि समेत कई मांगें की। अभ्यर्थी पद वृद्धि की मांग को लेकर पिछले 9-10 महीनों में कई बार ज्ञापन दे चुके हैं।
राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को हजारों शिक्षक अभ्यर्थी वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। सुबह 11:30 बजे आदि भवन से शुरू हुआ और DPI तक पैदल मार्च किया। अभ्यर्थियों का कहना है प्रदेश में 1.15 लाख पद खाली हैं, फिर भी भर्ती में पद कम रखे गए। 8 महीने से आंदोलन के बाद भी समाधान नहीं निकला, इसलिए आज फिर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
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अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
मध्यप्रदेश में शिक्षकों के 1,15,678 पद रिक्त हैं। विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार, 83,514 स्कूलों में से 1,968 स्कूल सिर्फ 1 शिक्षक और 46,417 स्कूल सिर्फ 2 शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। इसके बावजूद घोषित पद नाममात्र हैं। पिछले 8 महीनों में अभ्यर्थी 17 नवंबर 2025 से लेकर 15 जून 2026 तक कई बार धरना, भूख हड़ताल, खून से पत्र, मुंडन और मार्कशीट दहन जैसे विरोध कर चुके हैं। 17 अप्रैल को सीएम हाउस ज्ञापन के दौरान अभ्यर्थियों के साथ अभद्रता और बल प्रयोग के आरोप भी लगे हैं। अब तक मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित केंद्र-प्रदेश के 15 से ज्यादा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन ठोस निर्णय नहीं हुआ। अभ्यर्थियों का कहना है कि मांग पूरी न होने पर यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हो सकता है।
अभ्यर्थियों की 3 मुख्य मांगें
- वर्ग-2 माध्यमिक: प्रत्येक विषय में कम से कम 3,000 पद या कुल न्यूनतम 10,000 पद बढ़ाकर द्वितीय काउंसलिंग तुरंत शुरू की जाए।
- वर्ग-3 प्राथमिक: पदों की संख्या बढ़ाकर न्यूनतम 25,000 की जाए और द्वितीय काउंसलिंग शुरू की जाए।
- वर्ग-3 RCI: विशेष शिक्षक के शेष रिक्त पद सामान्य अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध कराए जाए।

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