कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। 13 लोगों की जान लेने वाली खूनी बस को कोर्ट तलब किया गया। इस दौरान ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। ग्वालियर न्यायालयीन इतिहास में पहली बार ऐसा मौका आया जब कोर्ट रूम में डाइस पर बैठे न्यायाधीश उठे और बाहर कैंपस में मौजूद बस के बाहर अपना कोर्ट रूम खोल दिया।
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दरअसल, यह मामला 4 साल पहले 23 मार्च 2021 का है। जहां पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में चमन पार्क के पास बस-ऑटो की भिडंत के दौरान ऑटो में सवार आंगनवाड़ी केन्द्रों में खाना बनाने वाली 12 महिलाओं और ऑटो चालक की मौत हो गई थी। यह बस मुरैना की तरफ से ग्वालियर आ रही थी। जबकि ऑटो में सवार महिलाएं मुरैना की ओर जा रही थीं। इसी मामले में ग्वालियर जिला न्यायालय में आज सुनवाई हुई। लेकिन यह सुनवाई ग्वालियर के न्यायलय के इतिहास में दर्ज हो गई।

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कोर्ट के आदेश पर आज शनिवार टक्कर मारने वाली बस को तलब किया गया था, ताकि स्वतंत्र साक्षी इसकी पहचान कर सकें। इस दौरान कोर्ट रूम में बैठे न्यायाधीश अपनी डाइस से उठकर कोर्ट परिसर के ग्राउंड में मौजूद बस के सामने पहुंचे और वहां अपनी टेबल लगाकर कोर्ट की सुनवाई को आगे बढ़ाया।इस दौरान स्वतंत्र साक्षी ने बस में हादसे के दौरान आए हुए डेंट के आधार पर उसकी पहचान की।

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बस की शिनाख्ती के बाद कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए नियत किया। गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन महिलाओं की मौत पर दुख जताते हुए सभी मृतकों के लिए चार-चार लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी।

