उमेश यादव, सागर। हनीट्रैप जैसे कुख्यात आपराधिक कृत्य के किरदारों के तार फिर मध्य प्रदेश के सागर से जुड़ गए है। 2019 में उजागर हुए हनीट्रैप कांड में सागर की स्वेता जैन की संलिप्तता के बाद अब एक और नाम अभिलाषा उर्फ रेशु चौधरी का जुड़ गया है, जो सागर के उपनगर क्षेत्र मकरोनिया की निवासी है। जिसे इंदौर के शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह को हनीट्रैप में फंसा कर करोड़ों रुपये वसूलने और ब्लैकमेलिंग के आरोप में हिरासत में लिया गया है। रेशु के साथ ही स्वेता जैन पर भी पुलिस का शिकंजा कसा है। तभी यह बात सामने आयी कि सागर की रेशु चौधरी और स्वेता जैन का आपस मे मजबूत कनेक्शन है।
पूर्व हनीट्रैप कांड की आरोपी रही स्वेता जैन की प्रोफाइल और पहचान तो पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है, लेकिन अब सागर की अभिलाषा उर्फ रेशु चौधरी की हैरान कर देने वाली सच्चाई सामने आयी है। दोनों ही किरदारों ने असफल राजनैतिक कैरियर को ढोते हुए रसूख और पैसा बनाने की अभिलाषा लिए यह शॉट कट रास्ता अपनाया। जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी रेशु उर्फ अभिलाषा चौधरी का राजनीतिक और सामाजिक रसूख का इतिहास बेहद बड़बोला और विवादित रहा है। वह खुद को बेहद उच्च शिक्षित और मेधावी छात्रा बताती थी। साथ ही वह झूठा दावा भी करती थी कि वह यूपीएससी और एमपीपीएससी मेंस जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर चुकी है।
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बीजेपी नेताओं के साथ तस्वीरें, विस चुनाव में ठोकी दी दावेदारी
इसी मेधावी छवि की आड़ में उसने साल 2020 के आसपास सागर शहर के कटरा बाजार में एक कथित यूपीएससी कोचिंग भी शुरू की थी, जिसके बड़े-बड़े विज्ञापन अखबारों में दिए गए थे, लेकिन बाद में वह संस्थान भी वित्तीय अनियमितताओं के चलते भारी विवादों में घिर गया था। बताया जा रहा है कि राजनीति और रसूखदारों के बीच पैठ बनाने की कोशिशों के चलते वह कोरोना काल में बीजेपी कोविड19 अनुसूचित जाति मोर्चा की नगर अध्यक्ष बन गयी थी और बीजेपी के कई बड़े नेताओं, जनप्रतिनिधियों के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई रहीं। यह बात भी बताई जा रही है कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव में रेशु चौधरी ने आरक्षित नरयावली सीट से भाजपा के टिकट के लिए बाकायदा दावेदारी भी ठोक दी थी।

राजनीतिक रसूख की आड़ में बनाया शिकार!
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रेशु चौधरी ने इसी राजनीतिक रसूख की आड़ में मकरोनिया और सागर शहर के कई नामचीन सफेदपोश लोगों, बड़े व्यापारियों और रसूखदारों को अपना शिकार बनाया था। उसने खुद के बड़े रसूख और ऊंचे संपर्कों का हवाला देकर शहर के कई लोगों से छोटी-बड़ी मोटी रकमें उधार व अन्य काम कराने के नाम पर ले रखी थीं, जिन्हें वह रसूख दिखाकर लंबे समय से लौटा नहीं रही थी।
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जेल में श्वेता जैन से हुई मुलाकात
इसी बीच उसका संपर्क मध्य प्रदेश के पुराने और कुख्यात हनी ट्रैप मामले की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन से हुआ जो जेल में बंद थी। जेल में रहने के दौरान श्वेता जैन की मुलाकात इंदौर की ही चर्चित लेडी तस्कर अलका दीक्षित से हुई। कोर्ट में पेशी के दौरान श्वेता जैन ने ही रेशु चौधरी की मुलाकात अलका दीक्षित से कराई थी। कोर्ट परिसर में मुलाकातों के इसी सिलसिले के बीच इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना तैयार की गई।
चर्चा है कि रेशु चौधरी ने लेडी तस्कर अलका दीक्षित को पूरा भरोसा दिलाया था कि सागर और भोपाल के कई बड़े राजनेता, नामचीन प्रॉपर्टी कारोबारी, नामी फाइनेंसर, शराब माफिया और कई आला अफसर उसके सीधे संपर्क में हैं, जिन्हें वह आसानी से अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठ सकती है।
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राजनेताओं और अधिकारियों के नाम होंगे उजागर !
इसी षड्यंत्र के तहत इंदौर के बड़े शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह को जाल में फंसाया गया। जिसकी शिकायत पर इंदौर पुलिस ने यह आक्रामक कार्रवाई की है। इंदौर पुलिस ने रेशु चौधरी को रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। जिसमें सागर, भोपाल और इंदौर के कई बड़े सफेदपोश चेहरों, राजनेताओं और अधिकारियों के नाम उजागर होने की पूरी संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश में कोई नया राजनैतिक तूफान आ सकता है।


