कुमार इंदर, जबलपुर। हैदराबाद से जबलपुर लाए गए 57 घोड़ों (Horse) का मामला अब बेहद पेचीदा और रहस्यमयी होता जा रहा है। एक तरफ देखरेख के अभाव में 19 घोड़ों की मौत का दावा, तो दूसरी तरफ मौके से सभी घोड़ों का अचानक गायब हो जाना! आखिरकार कहां गए ये 57 घोड़े? और क्यों प्रशासन व याचिकाकर्ता के बयानों में दिख रहा है भारी विरोधाभास? इस पूरे फर्जीवाड़े और लापरवाही पर अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।”
मामला इस साल मई महीने का है, जब हैदराबाद से 57 घोड़ों को जबलपुर लाया गया था। इन घोड़ों को पनागर के रैपुरा स्थित सचिन तिवारी नामक व्यक्ति के फार्महाउस (खटाल) में रखा गया। याचिका में दावा किया गया कि घोड़ों को शासन की अनुमति से लाया गया था, जबकि दूसरी ओर अवैध रूप से लाए जाने की बातें भी सामने आईं। खटाल में इन घोड़ों की देखरेख में भारी लापरवाही बरती गई। इसी दौरान खतरनाक ‘ग्लैंडर्स’ बीमारी की आशंका के चलते पशुपालन विभाग की टीम ने इन पर निगरानी शुरू की और संक्रमण के खतरे को देखते हुए घोड़ों को रैपुरा से हटाने के आदेश जारी किए।
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जांच रिपोर्ट में आया असली ट्विस्ट
इसी बीच एक वन्यजीव प्रेमी की याचिका ने इस मामले में बड़ा मोड़ ला दिया। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि उचित देखरेख न मिलने के कारण 19 घोड़ों की तड़प-तड़पकर मौत हो चुकी है। लेकिन असली ट्विस्ट तब आया जब प्रशासन की जांच रिपोर्ट सामने आई! जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौके पर एक भी घोड़ा मौजूद नहीं था। वहीं शासन के वकील ने कोर्ट में बड़ा बयान देते हुए कहा कि सभी घोड़ों को बेच दिया गया है।
ओरिजिनल रिकॉर्ड तलब
एक तरफ मौत का दावा, तो दूसरी तरफ रातों-रात बिक्री का तर्क! मामले में सामने आए इन विरोधाभासी बयानों को हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दिलीप मित्तल की युगलपीठ (बेंच) में हुई सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने घोड़ों की खरीद-बिक्री पर सख्त रवैया अपनाते हुए पूरा ओरिजिनल रिकॉर्ड तलब कर लिया है।
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नए और चौंकाने वाले होंगे खुलासे!
कोर्ट ने साफ तौर पर घोड़ों की खरीदी-बिक्री का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या वाकई 19 घोड़ों की मौत हुई और बाकी बेच दिए गए, या फिर इस पूरी खरीद-बिक्री के पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है? हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद अब देखना होगा कि अगली सुनवाई में क्या नए और चौंकाने वाले खुलासे होते हैं।
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