राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मोहन यादव सरकार में नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के अनुसूचित जाति (SC) प्रमाणपत्र को लेकर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने मंत्री प्रतिमा बागरी की जाति की वैधता को लेकर जांच तेज कर दी है। समिति ने मंत्री को नोटिस जारी कर 6 जुलाई को तलब किया है। इतना ही नहीं इस मामले में समिति ने जो आदेश सतना कलेक्टर को दिए हैं उसने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
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मंत्री के गांव में पिटेगी डोंडी, जनता से पूछेगी समिति
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला ट्विस्ट यह है कि अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र की छानबीन समिति ने सतना कलेक्टर को कड़े निर्देश जारी किए हैं। समिति ने कहा है कि राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के मूल गांव औऱ मोहल्ले में बकायदा डोंडी पिटवाकर यानि मुनादी करवाकर इस नोटिस को तामिल कराया जाए। डोंडी पिटवाने का मकसद यह है कि गांव और क्षेत्र के स्थानीय लोगों को इस जांच की जानकारी मिल सके। अगर कोई स्थानीय व्यक्ति या ग्रामीण मंत्री की जाति से संबंधित कोई साक्ष्य समिति के सामने रखना चाहता है तो वह खुलकर सामने आ सके।
6 जुलाई को होना है पेश, पेश करने होंगे 1950 के सबूत
छानबीन समिति ने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को नोटिस थमाते हुए 6 जुलाई को अनुसूचित जाति विकास आयुक्त कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
छानबीन समिति ने मंत्री को भेजे नोटिस में साफ कहा है कि उन्हें वर्ष 1950 की स्थिति के अनुसार जिला-सतना का मूल निवासी होने और स्वयं को ‘बागरी’ अनुसूचित जाति का होने से जुड़े पुख्ता सबूत पेश करने होंगे। सबूत के तौर पर उन्हें ऐसे मूल दस्तावेज और ऐतिहासिक साक्ष्य दिखाने होंगे जो यह प्रमाणित कर सकें कि उनका परिवार 1950 के पहले से सतना जिले में रह रहा है और वे बागरी जाति के ही अंतर्गत आते हैं।
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क्यों गहराया मामला और क्या हो सकते हैं इसके सियासी मायने?
प्रतिमा बागरी सतना जिले की रैगांव विधानसभा जो SC सीट है से विधायक चुनी गई हैं और वर्तमान में सूबे की सरकार में राज्यमंत्री हैं। यदि 6 जुलाई को होने वाली इस बड़ी पेशी में मंत्री बागरी समिति के सामने 1950 के समय के वैध दस्तावेज और प्रमाण पेश नहीं कर पाती हैं तो उनका अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त हो सकता है। ऐसे में न सिर्फ उनकी मंत्री पद की कुर्सी जाएगी बल्कि उनकी विधायकी पर भी बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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