कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा पार्टी की गुटबाजी को कैंसर बीमारी की तरह बताने वाले बयान से पार्टी में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के भीतर ही उनके बयान को लेकर कोई भी कुछ बोलने या प्रतिक्रिया देने को तैयार नहीं है। इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील विवके तन्खा ने भी उनके बयान से अपने को किनारा कर लिया है।
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा – मुझे किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं नजर आती है। मेरी सबसे बात होती है, मुझे कोई समस्या नजर नहीं आती है। कोई छोटा-मोटा इश्यू होता होगा तो वह शार्ट आउट होगा। विवेक तन्खा ने कहा- इस वक्त देश में सबसे बड़ी चुनौती कैसे हो संविधान की रक्षा है। महू में होने वाले कांग्रेस के संविधान सम्मेलन को लेकर कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने देश के हालात बदलने का दावा किया। दिल्ली चुनाव को लेकर कहा कि- चुनाव मनोरंजक होता जा रहा है। पहली बार त्रिकोणीय संघर्ष हो रहा है। बीजेपी आक्रामक होकर आम आदमी पार्टी के पीछे पड़ी है। दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस ने नए अस्तित्व को स्थापित किया है। खुद को सनातनी बताते हुए कई संतों की ओर से उन्हें आमंत्रण मिलने की बात कही है। कहा-परिवार सहित महाकुंभ में जाएंगे।
धरना दे रहे कांग्रेस पार्षदों को महापौर की दो टूकः बोले- ठेकेदार के हित में धरना देना छोड़ पब्लिक की

