शब्बीर अहमद, भोपाल। कल 28 मई को पूरे देश में ईद का त्योहार मनाया जाएगा। इस मौके पर बकरे की कुर्बानी दी जाएगी। लेकिन हिंदू संगठन ने इको फ्रेंडली कुर्बानी की मांग उठाई है। इस अपील को लेकर प्रदेश भर में सियासी बवाल मच गया और प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
हिंदू संगठन ने बनाया इको फ्रेंडली बकरा
दरअसल, संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति ने इको फ्रेंडली बकरा बनाया है। उनका कहना है कि बकरे की कुर्बानी ईको फ्रेंडली होनी चाहिए।कोई भी मुस्लिम बकरा कुर्बानी के लिए ले सकता है।
मुस्लिम संगठन ने कहा- ज्ञान न बाटें
ईको फ्रेंडली बकरे को लेकर मुस्लिम स्कॉलर इमरान खोखर का कहना है कि जिन लोगों को इस्लाम के बारे में जानकारी नहीं है, कुर्बानी के पीछे की वजह नहीं पता है तो वो इस पर न बोलें। यह देश त्योहारों का देश है। हम भी किसी दूसरे धर्म के त्यौहार को लेकर ज्ञान नहीं बाटते हैं। देश में सभी त्योहार खुशी और उत्साह के साथ मनाते हैं।
कांग्रेस ने बताया भाजपा की सस्ती लोकप्रियता
कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने इसे भाजपा की सस्ती लोकप्रियता बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और कुछ संगठन सस्ती लोकप्रियता के लिए यह सब कर रहे हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग संविधान के दिए अधिकार अनुसार कुर्बानी करता है। इको फ्रेंडली ईद से मतलब सिर्फ साफ-सफाई का ध्यान रखने से है। हम बकरीद मनाते हैं और मनाएंगे।
BJP MLA बोले- धर्म के नाम पर नंगा नाच बर्दाश्त नहीं
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक तौर पर और सार्वजनिक रूप से पशु वध पर देश में रोक है। इस निषेध का पालन सभी को करना होगा। धर्म के नाम पर नंगा नाच हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा, जहां पर भी कुर्बानी की जगह सुनिश्चित की जाए वहीं कुर्बानी हो। बकरे से हटकर किसी अन्य पशु की अगर कुर्बानी होती है तो ऐसे लोगों के ऊपर प्रशासन कार्रवाई करें।

