कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान नामांकन पर्चा गलत तरीके से खारिज किए जाने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन द्वारा दायर की गई चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आदेश जारी किए हैं।
नोटिस से इनकार
याचिका में बनाए गए तीन उम्मीदवारों में से तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने नोटिस मिलने से इनकार कर दिया है, जबकि तीसरे उम्मीदवार महेश केवट ने नोटिस लेने से साफ मना कर दिया है। हाईकोर्ट ने तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को दोबारा नोटिस देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अदालत ने महेश केवट को जवाब पेश करने के लिए एक और नया मौका प्रदान किया है। निर्वाचन आयोग (EC) समेत दो अन्य अधिकारियों ने खुद को प्रतिवादी सूची से हटाने के लिए अदालत में आवेदन दिया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता मीनाक्षी नटराजन को पूरे मामले में जवाब दाखिल करने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है।
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यह है पूरा मामला
कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन ने अपनी चुनाव याचिका में आरोप लगाया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उनका नामांकन पत्र गलत तरीके से रिजेक्ट किया गया था, जिसके चलते वे चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो गई थीं। इसी को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई अब आगामी 9 अक्टूबर को जबलपुर हाईकोर्ट में होगी।
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