चंडीगढ़। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने बवाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर अपना स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय कृषि विभाग की व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रोटोकॉल में उचित स्थान नहीं दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र भी प्राप्त नहीं हुआ।
मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि कार्यक्रम केंद्रीय कृषि विभाग के निर्देशन में आयोजित किया गया था। उनके अनुसार विभागीय अधिकारियों ने उन्हें और स्थानीय विधायकों को प्रोटोकॉल में उचित स्थान नहीं दिया, जिससे वे आहत हुए। इसी कारण उन्होंने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया। सांसद और स्थानीय विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर पूरे दिन राजनीतिक हलकों में चर्चाएं होती रहीं।
सांसद के इस बयान के बाद अब कई सवाल भी उठने लगे हैं। यदि प्रोटोकॉल को लेकर सांसद के आरोप सही हैं, तो क्या विभागीय स्तर पर कोई चूक हुई? यदि हुई, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? वहीं यदि व्यवस्थाएं किसी उच्च स्तर के निर्देशों के तहत की गई थीं, तो उन निर्देशों की जिम्मेदारी किसकी थी? इन सवालों पर फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में सांसद राव इंद्रजीत सिंह और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबंधों को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि बवाल कार्यक्रम में सांसद की अनुपस्थिति का कारण उन्होंने स्वयं प्रोटोकॉल और आमंत्रण से जुड़े मुद्दों को बताया है। इस मामले में संबंधित विभाग या अन्य पक्ष की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।

