शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में जल संकट की समस्या विकराल रूप ले रही है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने अफसर की हाई लेवल की बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने पीएचई विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों की छुट्टी निरस्त कर दी। 

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मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर को रोजाना जल व्यवस्था की जल समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के भरोसे न रहे। कई कलेक्टरों ने कहा कि गर्मी ज्यादा होने की वजह से बोरवेल के पंप खराब हो रहे हैं।  

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उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और रोजाना मिल ही चुकायतों पर जिले के कलेक्टर खुद ही एक्शन लें। जल समस्या के लिए पंचायत स्तर पर 10000 की व्यवस्था रहेगी। मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि 16वें वित्त आयोग की तरफ से दिए गए फंड का जल कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।  

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