अनिल मालवीय, सीहोर/ इमरान खान, खंडवा/ अमित मंकोड़ी, आष्टा। मध्य प्रदेश में मानसून की भारी आमद के साथ ही कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सीहोर और खंडवा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। सीहोर जिले में शनिवार को करीब डेढ़ इंच औसत बारिश दर्ज की गई है, जबकि खंडवा में देर रात से शुरू हुई तेज बारिश के बाद कई नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों से उफनते नदी-नालों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
सीहोर: 2 इंच से अधिक बारिश, पिछले साल की तुलना में मजबूत मानसून
सीहोर जिले में शनिवार को मानसून ने जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पूरे जिले में औसतन 1.50 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस झमाझम बारिश के बाद मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया है लेकिन नदी-नाले उफान पर आ गए हैं।
कहां कितनी हुई बारिश
जिले के सभी केंद्रों में इस बार अच्छी बारिश दर्ज हुई है। इसमें आष्टा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 2.05 इंच बारिश हुई। इसके बाद जावर में 1.89 इंच, इछावर में 1.77 इंच, सीहोर शहर व आसपास 1.69 इंच और श्यामपुर में सबसे कम 0.83 इंच पानी बरसा है।
1 जून से अब तक का आंकड़ा
शनिवार की तेज बारिश को मिलाकर जिले में 1 जून से अब तक कुल औसत बारिश 10.63 इंच तक पहुंच गई है। कुल बारिश के मामले में भी आष्टा 15.47 इंच के साथ जिले में सबसे आगे है। इसके बाद भैरूंदा में 14.01 इंच, इछावर में 12.40 इंच और जावर में 11.68 इंच बारिश हो चुकी है।
पिछले साल से बेहतर स्थिति
पिछले साल के रिकॉर्ड देखें तो पूरा जिला बेहद सूखा था और केवल 0.05 इंच औसत वर्षा दर्ज थी, जिसकी तुलना में इस साल मानसून की स्थिति बेहद मजबूत और किसानों के लिए राहत भरी है।
खंडवा: खिरकिया मार्ग बंद और सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान
खंडवा जिले में देर रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर शनिवार सुबह भी लगातार जारी रहा। तेज बारिश के चलते किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी के नाले में अचानक बाढ़ आ गई।
नाले में उफान, यातायात बाधित
नाला उफनने के कारण खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
घरों और खेतों में घुसा पानी
बाढ़ का पानी अब गरबड़ी गांव के घरों के अंदर तक घुसना शुरू हो गया है, जिससे लोग परेशान हैं। इसके अलावा खेतों में भारी जलभराव होने के कारण किसानों की सोयाबीन की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है।
कलेक्टर ने किया प्रशासन को अलर्ट
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन की तैयारी पूरी है। अगर कहीं भी आपातकालीन या इमरजेंसी स्थिति बनती है, तो हमारे होमगार्ड के जवान, SDRF और पुलिस बल पूरी तरह से तैनात और तैयार हैं।
आष्टा: ऊपरी इलाकों में मूसलाधार आफत, कई गांवों का टूटा संपर्क
आष्टा क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। लगातार हो रही वर्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बिगड़ रहे हैं।
गांव हुए अलग-थलग
ग्राम भंवरा, दुपाड़िया, नीलबड़ और मुगली में बारिश के चलते जलभराव हुआ है। नालों और पुल-पुलियाओं के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है, जिससे कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
स्थानीयों ने प्रशासन से की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को उन पुलों और रपटों पर तत्काल बैरिकेडिंग करके आवाजाही को बंद करना चाहिए जहां ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे कोई जनहानि न हो।
प्रशासन की जनता से अपील: थोड़ी सी लापरवाही पड़ सकती है जान पर भारी
तेज बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने अपील करते हुए कहा है कि किसी भी पुल, पुलिया या रपटे पर यदि पानी बह रहा हो, तो उसे वाहनों या पैदल पार करने का दुस्साहस बिल्कुल न करें। प्रशासन की अपील है कि लोग पानी का बहाव कम होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। अपने क्षेत्र में जलभराव, मार्ग अवरुद्ध होने या किसी भी आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।
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