भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। लगातार हुई बारिश के बाद अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने लगा है। पिछले दो दिनों से बारिश की गतिविधियों में कमी आई है, जिससे दिन में गर्मी और उमस का असर फिर बढ़ने लगा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों ने एक बार फिर एसी और कूलर का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
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मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार, 14 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में किसी प्रकार का वर्षा अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम लगभग इसी तरह बना रहेगा। यानी अगले दो दिनों तक लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। वहीं 16 जुलाई से मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
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गौरतलब है कि मानसून की शुरुआत में मध्य प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश हुई थी। कई नदियां और नाले उफान पर आ गए थे, जबकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी। उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों के छोटे मंदिर पानी में डूब गए थे। वहीं अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची, जिससे धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई कर रहे किसानों को काफी फायदा मिला।
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