संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश की कमी के बीच मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र के असर से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार की बारिश के बाद मंडला, डिंडोरी और विदिशा में नदी-नाले उफान पर आ गए। मौसम विभाग ने सोमवार को 21 जिलों भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 16 जिलों में भारी बारिश और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ पानी गिरने का अनुमान है। राजधानी भोपाल में रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश का असर अब जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है।
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डिंडोरी में मकान ढहने से बच्चे की मौत
मंडला में नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिसके चलते किनारे बसे सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। विदिशा के पठारी इलाके में रहटी नदी का पानी पुल के ऊपर से बहता नजर आया। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। वहीं डिंडोरी में करीब 6 इंच बारिश के बाद एक कच्चा मकान ढह गया, जिसमें दबने से 7 साल के बच्चे की मौत हो गई। भारी बारिश के कारण डिंडोरी का आसपास के जिलों से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे
हालांकि प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने के बावजूद अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। मध्यप्रदेश में अब तक करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक औसतन 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश सामान्य से कम है, जबकि ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून-जुलाई में मानसून रहा कमजोर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र के कारण प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ी हैं और अगले दो दिन इसका असर ज्यादा रहने की संभावना है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं, जिससे 13 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है। 12 और 13 अगस्त को प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश और जुलाई में मानसून के कमजोर पड़ने के कारण बारिश की कमी बनी हुई है। पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है।
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