कुंदन कुमार, पटना। बांकीपुर उपचुनाव के बीच राजद को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के ब्राह्मण चेहरा और दिग्गज प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कल गुरुवार (16 जुलाई) को पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के पीछे उन्होंने पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जताई।
लालू ने फोन कर मिलने बुलाया
हालांकि राजद ने अभी तक उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया है। वहीं अब यह खबर सामने आई है कि लालू यादव ने खुद मृत्युंजय तिवारी को फोन कर उन्हें अपने आवास पर मिलने के लिए बुलाया है। दरअसल राजद नहीं चाहती है कि मृत्युंजय तिवारी पार्टी छोड़कर कहीं और जाए। इसे लेकर ही राजद सुप्रीमो ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया है। लेकिन मृत्युंजय तिवारी अभी तक उनसे मिलने के लिए नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में अब यह देखने वाली बात होगी की क्या राजद मृत्युंजय तिवारी को मना पाती है या नहीं?
अपमानित होकर नहीं कर सकता राजनीति- मृत्युंजय तिवारी
मृत्युंजय तिवारी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा था कि, कुछ लोगों ने पिछले 7-8 महीने से लगातार उन्हें अपमानित करने का काम किया। हमने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से इस बारे में बात की। सब लोगों ने आश्वासन दिया। हमने तेजस्वी यादव से भी कहा। तेजस्वी यादव भी कोई संज्ञान नहीं लिए। कुछ लोग पार्टी में खुदको इतना बड़ा समझ रहे हैं कि उनके आगे तेजस्वी यादव की भी नहीं चल रही। हमारे जैसे निष्ठावान समर्पित कार्यकर्ता के लिए राजद से त्यागपत्र देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। अपमानित होकर कोई राजनीति नहीं कर सकता।
शक्ति सिंह से विवाद की खबर
अब ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर राजद में वह कौन से ऐसे लोग हैं, जो मृत्युंजय तिवारी को परेशान या अपमानित कर रहे थे। उससे भी बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब उन्होंने इस बात की शिकायत बड़े नेताओं और यहां तक की तेजस्वी यादव से की तो इस पर कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया? सूत्रों के मुताबिक मृत्युंजय तिवारी का तेजस्वी के खास और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव के साथ विवाद चल रहा है।
भाजपा में हो सकते हैं शामिल
मृत्युंजय तिवारी से जुड़ी एक खबर यह भी निकलकर सामने आई है कि वह जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। लंबे समय से वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के संपर्क हैं। इसे लेकर दिल्ली के शीर्ष नेताओं तक से बात हो चुकी है।
तेज प्रताप यादव भी लगा चुके हैं गंभीर आरोप
गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब पार्टी में अंदरूनी कलह की बात सामने आई हो? इससे पहले पार्टी और परिवार से निकाले गए लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी पार्टी में जयचंद होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जयचंद के इशारे पर ही साजिश के तहत उन्हें पार्टी और परिवार से दूर किया गया है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे, जिसके बाद लालू यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार से 6 साल के लिए बाहर निकाल दिया था।
राबड़ी आवास से रोते हुए निकली थी रोहिणी
वहीं, विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद रोहिणी आचार्य भी आधी रात को राबड़ी आवास से रोते हुए बाहर निकली थी। इसके साथ ही उन्होंने घर में अपने साथ मारपीट और गालीगलौज होने का आरोप लगाया था। उन्होंने भी पार्टी में जयचंद होने की बात कही थी और अभी भी लगातार वह पार्टी पर हमलावर रहती हैं।
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