अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. शनिवार को जी.टी. रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री पार्क में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया. धरने के दौरान सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोड़े गए मकानों और दुकानों के पुनर्वास, उचित मुआवजा, जी.टी. रोड स्टेशन मार्ग पर फैली गंदगी की सफाई, सड़क पर पड़े मलबे को हटाने, डीजल-पेट्रोल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों को कम करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं. इसके साथ ही नगर पालिका और रेलवे द्वारा प्रस्तावित ग्रीन पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थापित कर पार्क का नाम “शास्त्री पार्क” रखने की भी मांग की गई.
कांग्रेस नेताओं ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. कहा कि प्रशासन द्वारा स्पष्ट सीमांकन नहीं किया जा रहा है, जिससे व्यापारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों को उचित मुआवजा और राहत दी जानी चाहिए और उनकी क्षति को कम किया जाए. धरने में मौजूद हीरालाल शर्मा ने कहा कि बिना स्पष्ट प्रक्रिया और सीमांकन के बुलडोजर कार्रवाई असंवैधानिक है. उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों को अपमानित करते हुए कार्रवाई की जा रही है. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो डीएम कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
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बता दें कि सड़क चौड़ीकरण के लिए व्यापारी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं. लेकिन मुआवजे की मांग लगातार हो रही है. बीते 13 मई को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था. पड़ाव से मुगलसराय होते हुए गदना मोड़ तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण और सिक्स लेन निर्माण कार्य को लेकर प्रभावित व्यापारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
सड़क निर्माण के साथ-साथ दोनों तरफ आठ-आठ फीट चौड़े फुटपाथ और ड्रेन निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों ने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं. पहली, जिन दुकानदारों की दुकानें टूट रही हैं उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और दूसरी, दक्षिण पटरी के प्रभावित व्यापारियों को व्यवस्थित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए. इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा नगरपालिका के ईओ और एसडीएम को जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी चंदेश्वर जायसवाल ने कहा कि व्यापारी विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन जिन लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है, उनके पुनर्वास की व्यवस्था पहले की जानी चाहिए.
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व्यापारियों की मांग है कि व्यापारियों को नई जगह बसाने के बाद ही पुरानी दुकानें हटाई जाएं. साथ ही उन्होंने सड़क के किनारे सर्विस लेन बनाए जाने की भी मांग उठाई, ताकि ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग व्यवस्था हो सके और बाजार में जाम की समस्या कम हो. व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण अग्रहरी ने भी प्रशासन से मांग की कि प्रभावित व्यापारियों को मुआवजा देने के साथ-साथ उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने सुझाव दिया कि फायर ब्रिगेड के पास नगरपालिका की खाली जमीन पर विस्थापित व्यापारियों को बसाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि व्यापारी विकास कार्यों में बाधक नहीं बनना चाहते, लेकिन सरकार को व्यापारियों के हितों और उनके नुकसान की भरपाई पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

