अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। रोहतास जिले के दिनारा में चंदेश्वर चौधरी की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर वर्तमान सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पटना से दिनारा के लिए रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विफलता और आर्थिक बदहाली को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजद इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी।
दिनारा हत्याकांड और आरोपियों को बचाने का आरोप
तेजस्वी यादव ने दिनारा में चंदेश्वर चौधरी की निर्मम हत्या को अत्यंत गंभीर घटना करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरी मांगने गए एक पिछड़े परिवार के लोगों के साथ पहले मारपीट की गई और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले में नामजद और संलिप्त आरोपियों को सत्ता पक्ष के इशारे पर बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो न्याय व्यवस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है।
अपराध बेतहाशा बढ़ा और पुलिसिया शासन की कोशिश
सरकार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि जब से नई सरकार का गठन हुआ है, तब तक राज्य में अपराध बेकाबू हो गए हैं। अपराधी बेखौफ होकर गरीबों पर अत्याचार कर रहे हैं, जबकि हक की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा गोलियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में लोकतंत्र का गला घोंटकर एक अघोषित पुलिसिया शासन स्थापित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
खाली खजाना और भुगतान का संकट
कानून-व्यवस्था के अलावा तेजस्वी यादव ने बिहार की वित्तीय स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है। स्थिति इतनी बदतर हो चली है कि सरकार के पास अपने नियमित कर्मचारियों को वेतन देने और बुजुर्गों तथा जरूरतमंदों को पेंशन का भुगतान करने तक के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है।
सम्राट चौधरी रबर स्टांप मुख्यमंत्री, दिल्ली से चल रही सरकार
राजनीतिक रूप से सबसे बड़ा प्रहार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की सरकार पटना से संचालित नहीं हो रही है, बल्कि इसे पूरी तरह से दिल्ली से चलाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नीत व्यवस्था में जो भी मुख्यमंत्री बनता है, वह चयनित होता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए तेजस्वी ने उन्हें रबर स्टांप मुख्यमंत्री करार दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की हैसियत केवल ऊपर से आने वाले फरमानों और आदेशों पर अपनी मुहर लगाने भर की रह गई है, और राज्य सरकार अपने दम पर कोई स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम नहीं है।


