सरोज कुमार गुप्ता, सीतामढ़ी। शहर स्थित पुनौराधाम में माता जानकी के भव्य मंदिर के निर्माण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। लगभग 882.72 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मंदिर के निर्माण कार्य को गति देने के लिए पुराने ढांचे को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में, गर्भगृह से माता जानकी, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी की पावन प्रतिमाओं को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद अस्थायी काष्ठ मंडपम में शिफ्ट कर दिया गया है।
सम्राट चौधरी और ललन सिंह का सीतामढ़ी दौरा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पुनौराधाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2028 तक माता जानकी मंदिर का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करना है। तय समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा होने पर प्रभु श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी पुनः अपने मूल गर्भगृह में विराजमान हो सकेंगे। वीवीआईपी दौरे को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और यातायात व्यवस्था में भी विशेष बदलाव किए गए थे।



एक साल पहले हुआ था ऐतिहासिक भूमि पूजन
ठीक एक साल पहले, 8 अगस्त 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुनौराधाम पहुंचकर इस भव्य जानकी मंदिर के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास किया था। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए ने अपने घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) में अयोध्या की तर्ज पर सीतामढ़ी में भी माता जानकी के एक भव्य और दिव्य मंदिर के निर्माण का प्रमुख वादा किया था, जिस पर अब तेजी से काम चल रहा है।
217 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात
धार्मिक पर्यटन के विकास के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी जिले को विकास की कई सौगातें दीं। मंदिर परिसर में पूजा और अनुष्ठान के बाद सीएम ने लगभग 217 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
- मिल्क पाउडर प्लांट: राज्य योजना के तहत लगभग 76.60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मिल्क पाउडर प्लांट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई।
- अन्य योजनाएं: दौरे के दौरान 203 करोड़ 2 लाख रुपये की कुल 82 विकास योजनाओं का उद्घाटन और 14 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत वाली एक अन्य योजना का शिलान्यास किया गया।
इन तमाम विकास कार्यों और मंदिर के पुनरुद्धार से सीतामढ़ी क्षेत्र में रोजगार, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।


