मुंगेर। शहर के लैलख ममलखा स्टेशन पर तैनात RPF जवान धर्मेंद्र कुमार (48) की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। ड्यूटी के दौरान लापता हुए जवान का शव दो दिन बाद स्टेशन से करीब 3.5 किलोमीटर दूर एक तालाब में तैरता हुआ मिला। परिजनों ने सुनियोजित तरीके से अपहरण के बाद हत्या का आरोप लगाया है।
ड्यूटी के दौरान आखिरी बातचीत
घटना के अनुसार, 25 मई की रात 8 बजे धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी रानी देवी से वीडियो कॉल पर बात की थी। उस समय उन्होंने बताया कि स्टेशन पर उन्हें अकेले ड्यूटी पर तैनात किया गया है और उनके आसपास कोई और मौजूद नहीं है। खाना खाने के बाद वह ड्यूटी पर चले गए, लेकिन 26 मई की सुबह जब पत्नी ने फोन किया, तो मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा। अनहोनी की आशंका के बाद परिजनों ने विभाग को सूचित किया और खुद भी तलाश शुरू की।
तालाब में मिला क्षत-विक्षत शव
लगातार तलाश के बाद, 27 मई की शाम करीब 5:30 बजे लैलख ममलखा स्टेशन से लगभग 3.5 किलोमीटर दूर एक तालाब में जवान का शव बरामद हुआ। शव पूरी तरह से नग्न अवस्था में था। परिजनों ने उनकी उंगली में पहनी चांदी की अंगूठी से पहचान की। उनके शरीर और गले पर चोट के गंभीर निशान थे, जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया है।
वर्दी और सामान गायब, परिजनों का गुस्सा
परिजनों का आरोप है कि हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए उनकी वर्दी, मोबाइल और सोने की अंगूठी गायब कर दी। जवान की भाभी रेखा देवी ने पुलिस और रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिजनों ने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार स्टेशन मास्टर और ड्यूटी पर तैनात संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
न्याय की गुहार
बुधवार देर शाम भागलपुर में पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार सुबह शव उनके पैतृक गांव महमदा लाया गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी का आरोप है कि पति को अकेले ड्यूटी पर भेजना ही उनकी हत्या का कारण बना। परिजनों ने सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी का माहौल है और स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

