दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति इलॉन मस्क राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपबल्किन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते है। इस बार वे पिछले चुनाव से ज्यादा खर्च कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई से सितंबर तक के 3 महीने में ही रिपब्लिकन पार्टी को 276 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,600 करोड़ रुपए से ज्यादा चंदा दिया गया है। इतना पैसा अब तक किसी शख्स ने मिडटर्म चुनाव में खर्च नहीं किया। मस्क ने अकेले इतना चंदा दिया कि डेमोक्रेटिक पार्टी को उस तिमाही में अपने सभी चंदा देने वालों से मिलाकर भी इतनी रकम नहीं मिली।

पिछले चुनाव से ₹700 करोड़ ज्यादा मदद दी

मस्क ने 2025-26 में अब तक रिपब्लिकन पार्टी को करीब 366 मिलियन डॉलर (करीब 3500 करोड़ रुपए) दिए हैं। यह रकम 2023-24 के चुनाव में दिए गए उनके करीब 290 मिलियन डॉलर (करीब 2800 करोड़ रुपए) से ज्यादा है।

मस्क की दी नई रकम से मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को आर्थिक बढ़त मिली है। वहीं इसके मुकाबले डेमोक्रेटिक पार्टी का कोई भी अरबपति चंदा देने वाला व्यक्ति मस्क जितना पैसा खर्च नहीं कर रहा है।

मस्क के चंदे से यह भी साफ हुआ है कि वे अमेरिकी राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहना चाहते हैं। मई 2025 में उन्होंने कहा था कि भविष्य में वे राजनीतिक खर्च काफी कम कर देंगे।

ट्रम्प की मस्क से फिर नजदीकी बढ़ी

मस्क के पास कई बड़ी कंपनियां हैं, जिनमें से कुछ को अमेरिकी सरकार से बड़े ठेके भी मिले हैं। पिछले साल ट्रम्प के साथ विवाद के बाद से मस्क ने अपने राजनीतिक कामकाज को लेकर काफी कम सार्वजनिक बयान दिए थे। बता दें कि, दोनों के बीच पिछले साल विवाद इतना बढ़ गया था कि ट्रम्प ट्विटर छोड़ ट्रुथ पर अपना बयान जारी करने लगे।

हालांकि, चुनाव नजदीक आने के बाद अब दोनों के रिश्ते फिर सुधरते दिख रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में दोनों तीन कार्यक्रमों में साथ दिखाई दिए और एक-दूसरे की तारीफ भी की। ट्रम्प मस्क को अपने साथ चीन के दौरे पर भी लेकर गए थे। मस्क के इतना पैसा खर्च करने से जाहिर है कि वे दक्षिणपंथी राजनीति के साथ अपनी भागीदारी बनाए रखना चाहते हैं।

3,000 लोगों की टीम घर-घर जाकर वोट मांग रही

रिपब्लिकन पार्टी को ज्यादातर चंदा मस्क के बनाए राजनीतिक संगठन अमेरिका PAC के जरिए मिलता है। यह संगठन रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करता है। अमेरिका PAC के प्रवक्ता एंड्रयू रोमियो ने कहा कि अगर नवंबर में डेमोक्रेटिक पार्टी चुनाव जीत जाती है तो अमेरिका का कम्युनिष्ट, वोक और बिना सीमा वाला देश बनने का खतरा है।

उन्होंने कहा कि मस्क के बड़े निवेश से रिपब्लिकन पार्टी को अपना पक्ष लोगों तक पहुंचाने का मौका मिला है, ताकि वह चुनाव में इतिहास के रुझान को बदलने की कोशिश कर सकें। मस्क सिर्फ बेहिसाब पैसा खर्च नहीं कर रहे, बल्कि उनकी टीम के 3000 लोग घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क भी कर रहे हैं। वे उन मतदाताओं को वोट डालने के लिए तैयार कर रहे हैं, जो आमतौर पर चुनाव में कम हिस्सा लेते हैं।

टेक्सास में सबसे बड़ा दांव, एक उम्मीदवार पर ₹1500 करोड़ खर्च

मस्क के चुनावी अभियान का सबसे दिलचस्प हिस्सा टेक्सास का सीनेट चुनाव है। यहां रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में करीब 1500 करोड़ रुपए के विज्ञापन अभियान की शुरुआत हुई है।

मस्क के लिए टेक्सास का चुनाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि वे राज्य की राजधानी ऑस्टिन में रहते हैं और यहां उनका बड़ा कारोबारी निवेश है। उनकी टीम सिर्फ टीवी विज्ञापनों के जरिए प्रचार नहीं कर रही, बल्कि घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क भी कर रही है। प्रचारक लोगों के दरवाजों पर पर्चे लगा रहे हैं। इन पर्चों में दावा किया जा रहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पूरे अमेरिका में चुनाव जीत रहे हैं और टेक्सास में भी ऐसा हो सकता है।

ट्रांसजेंडर और समाजवाद के खिलाफ टार्गेटेड विज्ञापन

मस्क का चुनावी संगठन ट्रांसजेंडर और समाजवाद के मुद्दों पर ज्यादा जोर दे रहा है। मस्क की अपनी ट्रांसजेंडर बेटी के साथ अनबन रही है। मस्क ने कहा था कि बेटी के साथ हुए मतभेदों का असर उनकी राजनीति में बढ़ती दिलचस्पी पर भी पड़ा। अब उनका संगठन इसी मुद्दे पर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों को घेर रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m